- दूषित पानी और चोक चेंबर वाली हॉटस्पॉट बस्तियां चिन्हित करने के निर्देश - ड्रेनेज नेटवर्क पर अतिक्रमण करने वालों के विरुद्ध होगी सख्त कार्रवाई इन्दौर (ईएमएस)। शहर की बुनियादी सेवाओं, विशेषकर जल आपूर्ति और सीवरेज सिस्टम को लेकर निगमायुक्त क्षितिज सिंघल का रुख बेहद सख्त नजर आ रहा है। रविवार को सिटी बस ऑफिस में आयोजित एक आपात समीक्षा बैठक में आयुक्त ने जलप्रदाय, ड्रेनेज और सीवरेज विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर असंतोष जताया। उन्होंने दो-टूक शब्दों में कहा कि अधिकारी अपनी कार्यशैली बदलें और साइलो (अकेले) में काम करने के बजाय आपसी समन्वय से शहर की समस्याओं का समाधान करें। बैठक के दौरान सीएम हेल्पलाइन, इंदौर 311 ऐप और कंट्रोल रूम में लंबित शिकायतों का वार्डवार विश्लेषण किया गया। दूषित जल की आपूर्ति और बार-बार चोक होने वाले चेंबरों की शिकायतों पर आयुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देशित किया कि शहर के ऐसे क्षेत्रों को हॉटस्पॉट के रूप में चिन्हित किया जाए जहाँ समस्या बार-बार दोहराई जा रही है। ऐसे क्षेत्रों में केवल तात्कालिक मरम्मत के बजाय तकनीकी खामियों का स्थायी समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। आयुक्त ने सख्त लहजे में अधिकारियों को ड्रेनेज और सीवरेज लाइनों पर हुए अतिक्रमणों को चिन्हित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी नेटवर्क के ऊपर निर्माण करने वालों को तत्काल नोटिस जारी कर वैधानिक कार्रवाई की जाए। साथ ही, उन्होंने जोनल अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी कि जिन क्षेत्रों में तकनीकी खराबी के कारण जल आपूर्ति बाधित है, वहां बिना किसी देरी के टैंकरों के माध्यम से वैकल्पिक जल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। बैठक में उपस्थित अपर आयुक्त, विभाग प्रमुख और जोनल यंत्रियों को हिदायत दी गई कि वे दफ्तरों से बाहर निकलकर फील्ड पर मैदानी कार्यों की निगरानी करें। आयुक्त ने कहा कि यंत्रियों को स्वयं जाकर कार्यों की गुणवत्ता और सफाई अमले की उपस्थिति का सत्यापन करना होगा। ड्रेनेज चोक होने की आपात स्थितियों के लिए त्वरित रिस्पांस टीम को 24 घंटे सक्रिय रहने के निर्देश भी दिए गए।