- 65 बसों में खामियां, 50,900 रुपये का समन शुल्क वसूला दुर्ग(ईएमएस)। जिले में विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ट्रैफिक पुलिस एवं परिवहन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से स्कूल बसों की सघन जांच की गई। यह जांच सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार पुलिस ग्राउंड, सेक्टर-06 भिलाई में आयोजित की गई, जिसमें जिले के 21 शैक्षणिक संस्थानों की कुल 230 स्कूल बसों की निगरानी की गई। जांच के दौरान 65 स्कूल बसों में विभिन्न प्रकार की खामियां पाई गईं। इन खामियों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए संबंधित बसों का चालान किया गया और कुल 50,900 रुपये का समन शुल्क वसूला गया। पुलिस ने स्कूल प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी खामियों को दूर करने के बाद ही बसों का संचालन किया जाए। जांच के दौरान ड्राइवर और कंडक्टरों के स्वास्थ्य परीक्षण भी किए गए। विशेष रूप से आंखों की जांच में 26 ड्राइवरों में दृष्टि संबंधी समस्याएं सामने आईं, जिन्हें चश्मा लगाने या चश्मे का नंबर अपडेट कराने की सलाह दी गई। स्कूल बसों की जांच की प्रक्रिया में सबसे पहले वाहनों का पंजीकरण किया गया। इसके बाद परिवहन विभाग द्वारा दस्तावेजों की गहन जांच की गई, जिसमें वाहन का रजिस्ट्रेशन, परमिट, फिटनेस सर्टिफिकेट, बीमा, पीयूसी, रोड टैक्स और चालक का लाइसेंस शामिल रहा।दस्तावेज जांच के बाद मैकेनिकल फिटनेस पर विशेष ध्यान दिया गया। इसमें हेडलाइट, ब्रेक लाइट, पार्किंग लाइट, इंडिकेटर, बैक लाइट, मीटर, स्टीयरिंग, टायर, क्लच, एक्सीलेटर, सीट, हॉर्न, वाइपर और आगे-पीछे लगे रिफ्लेक्टर की स्थिति जांची गई। इसके अतिरिक्त सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों के तहत बसों में जीपीएस, सीसीटीवी कैमरा, स्पीड गवर्नर, प्रेशर हॉर्न, आपातकालीन खिड़की, स्कूल का नाम, टेलीफोन नंबर, चालक का मोबाइल नंबर, फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र और बस के आगे-पीछे “स्कूल बस” लिखा होना अनिवार्य रूप से जांचा गया। यातायात पुलिस और परिवहन विभाग ने बताया कि जो स्कूल बसें इस जांच शिविर में शामिल नहीं हो सकीं, उन्हें सड़क पर परिवहन के दौरान रोककर जांचा जाएगा। अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन से अपील की है कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता न किया जाए और सभी नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। सत्यप्रकाश(ईएमएस)12 जनवरी 2026