क्षेत्रीय
12-Jan-2026
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धमतरी(ईएमएस)। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में धान खरीदी और कस्टम मिलिंग व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देश पर आज जिले के सभी अनुविभागों में राइस मिलों की सघन जांच और भौतिक सत्यापन अभियान चलाया गया। एसडीएम के नेतृत्व में राजस्व एवं मंडी विभाग की संयुक्त टीमों ने धमतरी, नगरी और कुरूद अनुविभागों में कई मिलों पर एक साथ छापेमार कार्रवाई की। जांच के दौरान मिलों में उपलब्ध धान के भौतिक स्टॉक और अभिलेखों का मिलान किया गया, जिसमें गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। कुछ मिलों में निर्धारित नियमों का उल्लंघन करते हुए भारी मात्रा में अवैध धान का भंडारण पाया गया, जबकि एक मिल में बड़े पैमाने पर धान की कमी दर्ज की गई। कविता राइस मिल (धमतरी अनुविभाग): 250 क्विंटल अतिरिक्त धान पाया गया। अजय ट्रेडिंग कंपनी (देमार, धमतरी अनुविभाग): 105 क्विंटल अतिरिक्त धान। एस.के. फूड्स (नगरी अनुविभाग): 76 क्विंटल अतिरिक्त धान। ए.एस.डब्ल्यू. राइस मिल (नगरी अनुविभाग): 72 क्विंटल अतिरिक्त धान। श्री लक्ष्मी राइस मिल (कुरूद अनुविभाग): 6989 क्विंटल धान की भारी कमी दर्ज की गई, जो कस्टम मिलिंग में बड़ी लापरवाही और संभावित हेराफेरी की ओर इशारा करती है। इन सभी मामलों में मंडी अधिनियम एवं संबंधित नियमों के तहत अवैध और अनियमित धान को जब्त कर लिया गया। जब्त किए गए एवं अनियमित पाए गए धान का कुल अनुमानित मूल्य ₹1,77,42,963 (एक करोड़ सतहत्तर लाख बयालीस हजार नौ सौ तिरसठ रुपये) आंका गया है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने इस कार्रवाई को शासन की शून्य सहिष्णुता नीति का स्पष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा, “समर्थन मूल्य पर धान खरीदी और कस्टम मिलिंग जैसी योजनाएं किसानों की आजीविका से सीधे जुड़ी हैं। इनमें किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर ने सभी राइस मिल संचालकों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि शासन के नियमों का ईमानदारी से पालन करें और प्रशासन के साथ सहयोग करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसी अनियमितताएं पाई गईं तो कस्टम मिलिंग कंडिका के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई, लाइसेंस निरस्तीकरण और आपराधिक प्रकरण दर्ज किए जाएंगे। जिला प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में सतत निगरानी, औचक निरीक्षण और विशेष जांच अभियान जारी रहेंगे, ताकि धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे और किसानों के हितों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। सत्यप्रकाश(ईएमएस)12 जनवरी 2026