- केंद्र सरकार पर रोजगार अधिकार छीनने का आरोप बिलासपुर (ईएमएस)। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर ग्रामीण रोजगार कानून मनरेगा को कमजोर किए जाने के विरोध में कांग्रेस द्वारा चलाए जा रहे 45 दिवसीय राष्ट्रव्यापी अभियान ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत रविवार को जिले में एक दिवसीय अनशन आयोजित किया गया। जिला मुख्यालय के गांधी चौक में हुए अनशन की शुरुआत महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर की गई। जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री ने कहा कि कांग्रेस तब तक संघर्ष जारी रखेगी, जब तक ग्रामीण गरीबों के काम, आजीविका और जवाबदेही के अधिकार की बहाली नहीं हो जाती। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार मनरेगा का नाम बदलकर और नियमों में संशोधन कर इसे कानून से हटाकर एक सामान्य सरकारी योजना में सीमित करना चाहती है। मनरेगा के तहत मिलने वाला काम का अधिकार (राइट टू वर्क) समाप्त किया जा रहा है। गंगोत्री ने कहा कि सरकार 125 दिन रोजगार देने की बात कर रही है, जबकि बीते दो वर्षों में ग्रामीण मजदूरों को 100 दिन का रोजगार भी नहीं मिल पाया। नए प्रावधानों से लोगों को 30-35 दिन का काम मिलना भी कठिन हो जाएगा। उन्होंने मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में बहाल करने की मांग की, जिसमें केंद्र की 90 प्रतिशत और राज्य की 10 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।कांग्रेस शहर अध्यक्ष सिदांशु मिश्रा ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण गरीबों की जीवनरेखा है। यदि केंद्र सरकार ने कानून वापस नहीं लिया तो कांग्रेस सडक़ से संसद तक आंदोलन करेगी। मनोज राज/योगेश विश्वकर्मा 12 जनवरी 2026