सोशल मीडिया पर पोस्ट किया; जनवरी 2026 से पद संभालने का जिक्र वॉशिंगटन(ईएमएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने खुद को वेनेजुएला का एक्टिंग प्रेसिडेंट बताया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट की है। इसमें ट्रम्प की तस्वीर के साथ एक्टिंग प्रेसिडेंट ऑफ वेनेजुएला ( वेनेजुएला का अंतरिम राष्ट्रपति) लिखा है। पोस्ट में जनवरी 2026 से पद संभालने का जिक्र है। इसके अलावा ट्रम्प ने खुद को अमेरिका के 45वें और 47वें राष्ट्रपति के तौर पर भी दिखाया है। पोस्ट को लेकर व्हाइट हाउस या अमेरिकी प्रशासन की ओर से कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है। इससे पहले 2 जनवरी को अमेरिका ने वेनेजुएला के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई की थी। इस कार्रवाई में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को हिरासत में लेकर न्यूयॉर्क लाया गया। वेनेजुएला का प्रशासन अमेरिका ही चलाएगा डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि वेनेजुएला का प्रशासन अमेरिका ही चलाएगा। यह तक चलेगा, जब तक वहां सुरक्षित सत्ता परिवर्तन नहीं हो जाता। ट्रम्प का कहना है कि वे यह जोखिम नहीं चाहते कि कोई ऐसा व्यक्ति सत्ता में आए जो वेनेजुएला के लोगों के हितों का ध्यान न रखे। मादुरो के सत्ता से हटने के बाद वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति और रोड्रिग्ज को पिछले सप्ताह देश की अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में शपथ दिलाई गई थी। ट्रम्प के मुताबिक, अंतरिम सरकार अमेरिका को 3 से 5 करोड़ बैरल उच्च गुणवत्ता वाला, प्रतिबंधित तेल सौंपेगी, जिसे बाजार मूल्य पर बेचा जाएगा। ट्रम्प ने कहा कि तेल बिक्री से मिलने वाली राशि अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में उनके नियंत्रण में रहेगी, ताकि इसका उपयोग वेनेजुएला और अमेरिका के लोगों के हित में किया जा सके। उन्होंने ऊर्जा सचिव क्रिस राइट को इस योजना को तुरंत लागू करने के निर्देश देने की बात भी कही है। अमेरिका तय करेगा कौन सी कंपनियां वेनेजुएला जाएंगी ट्रम्प ने एक्सॉन मोबिल, कोनोकोफिलिप्स, शेवरॉन जैसी बड़ी अमेरिकी कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि अमेरिका तय करेगा कि कौन सी कंपनियां वेनेजुएला में जाएंगी और निवेश करेंगी। शेवरॉन के वाइस चेयरमैन मार्क नेल्सन ने कहा कि उनकी कंपनी वेनेजुएला में निवेश के लिए प्रतिबद्ध है और वह अभी भी वहां काम कर रही है। कई छोटी कंपनियां और निवेशक भी बैठक में शामिल हुए, जिन्होंने ट्रम्प की नीतियों की सराहना की और निवेश की इच्छा जताई। अमेरिकी हमले में वेनेजुएला के 100 सैनिकों की मौत हुई थी व्हाइट हाउस की ओर से इस बात पर कोई रिस्पांस नहीं दिया गया कि प्रेस सेक्रेटरी की तरफ से शेयर इस पोस्ट को सरकारी पुष्टि माना जाए या नहीं। वहीं, वेनेजुएला के गृह मंत्रालय ने कहा है कि 3 जनवरी को हुई इस कार्रवाई में करीब 100 सुरक्षा कर्मियों की मौत हुई थी, हालांकि यह साफ नहीं है कि इनमें से कितनी मौतें इस सीक्रेट हथियार से हुईं थीं। अमेरिका के एक पूर्व सीक्रेट अधिकारी ने कहा कि इस तरह के लक्षण डायरेक्टेड एनर्जी हथियारों से मेल खाते हैं। उनके मुताबिक, ऐसे हथियार माइक्रोवेव या लेजर जैसी एनर्जी का इस्तेमाल करते हैं और इससे दर्द, खून बहना और शरीर को शॉर्ट टर्म पैरालिसिस किया जा सकता है। गार्ड ने यह भी कहा कि इस कार्रवाई के बाद पूरे लैटिन अमेरिका में डर का माहौल है, खासकर तब जब हाल ही में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था कि अब मेक्सिको भी लिस्ट में है। गार्ड ने इसे अमेरिका से लडऩे की सोच रखने वालों के लिए चेतावनी बताया और कहा कि इस घटना का असर सिर्फ वेनेजुएला तक सीमित नहीं रहेगा। विनोद उपाध्याय / 12 जनवरी, 2026