नई दिल्ली (ईएमएस)। मोबाइल और कंप्यूटर, लेपटॉप के उपयोग एवं प्रदूषण और धूल-मिट्टी के कारण आंखों से जुड़ी समस्याएं आज तेजी से बढ़ रही हैं। आजकल आंखों में जलन, सूखापन, थकान और कमजोर होती नजर अब आम शिकायत बनती जा रही है। ऐसे समय में भारत सरकार का आयुष मंत्रालय आंखों की सेहत बनाए रखने के लिए कुछ सरल, प्राकृतिक और आसान उपाय सुझाता है, जिन्हें रोजमर्रा की दिनचर्या में आसानी से शामिल किया जा सकता है। इनमें शीतोदक सेचन और पानीतला स्पर्श को खास तौर पर लाभकारी माना गया है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, शीतोदक सेचन यानी आंखों में ठंडे पानी की कुछ बूंदें डालना आंखों के लिए बेहद फायदेमंद है। दिन में तीन से चार बार यह प्रक्रिया करने से आंखों की थकान कम होती है और नजर को मजबूती मिलती है। ठंडा पानी आंखों में जमा गर्मी को शांत करता है, जिससे जलन, सूखापन और लालिमा जैसी समस्याओं में राहत मिलती है। खासकर उन लोगों के लिए यह उपाय बेहद उपयोगी है, जो लंबे समय तक मोबाइल, कंप्यूटर या टीवी स्क्रीन के सामने काम करते हैं। साफ और ठंडे पानी की बूंदें आंखों की मांसपेशियों को आराम देती हैं और रक्त संचार को बेहतर बनाती हैं, जिससे आंखों की चमक और ताजगी बनी रहती है। दूसरा महत्वपूर्ण उपाय पानीतला स्पर्श है, जिसे बेहद सरल लेकिन प्रभावी माना जाता है। इस प्रक्रिया में दोनों हथेलियों को पानी से गीला कर आंखों पर हल्के से रखा जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि हर बार भोजन करने के बाद हाथ धोते समय गीली हथेलियों को कुछ क्षणों के लिए आंखों पर रखने से आंखों को ठंडक और आराम मिलता है। यह छोटी सी आदत आंखों की नमी बनाए रखने में मदद करती है और सूजन व तनाव को कम करती है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, नियमित रूप से पानीतला स्पर्श करने से मोतियाबिंद सहित कई आंखों की बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकता है। इन दोनों उपायों की खास बात यह है कि ये पूरी तरह प्राकृतिक हैं, इनमें किसी दवा या खर्च की जरूरत नहीं होती और इन्हें घर पर ही आसानी से अपनाया जा सकता है। सदियों से आयुर्वेदिक परंपरा में इन उपायों का उपयोग आंखों की देखभाल के लिए किया जाता रहा है। सुदामा/ईएमएस 13 जनवरी 2026