नई दिल्ली (ईएमएस)। तुर्कमान गेट घटना ने पुरानी दिल्ली और मध्य दिल्ली में व्यापक अतिक्रमण की समस्या को उजागर किया है। 16 प्रमुख मार्गों पर दशकों से फैले इस अतिक्रमण से यातायात जाम और आम जनता को भारी परेशानी हो रही है। पुलिस और नगर निगम की मिलीभगत व खानापूर्ति वाली कार्रवाई के कारण सड़कें आधी रह गई हैं, जिससे स्कूली बच्चों, कर्मचारियों और मरीजों को घंटों जाम में फंसना पड़ता है। दिल्ली में हाल ही में तुर्कमान गेट इलाके में दरगाह फैज-ए-इलाही के आसपास अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान हुए बवाल ने एक बार फिर पुरानी दिल्ली और मध्य दिल्ली में फैले अतिक्रमण के गंभीर मुद्दे को उजागर कर दिया है। तुर्कमान गेट की घटना को लेकर जहां नगर निगम की कार्रवाई का विरोध हुआ, वहीं यह साफ हो गया कि अतिक्रमण की समस्या सिर्फ इसी इलाके तक सीमित नहीं है। पुरानी दिल्ली सहित आसपास के इलाके में 16 ऐसे प्रमुख मार्ग हैं, जहां दशकों से अतिक्रमण के चलते आम जनता को रोज भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन मार्गों में चेम्सफर्ड रोड, सदर थाना रोड, देश राज भाटिया रोड, राम कुमार मार्ग, ईदगाह रोड, जीबी रोड, श्रद्धानंद मार्ग, कुतुब रोड, आजाद मार्केट रोड, बहादुरगढ़ रोड, पहाड़ी धरीज रोड, न्यू रोहतक रोड, पुराना कुतुब रोड, विश्वकर्मा मार्ग और राजमस स्कूल रोड शामिल हैं। इन सड़कों पर अतिक्रमण का हाल इतना बदतर है कि वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल चलने वालों के लिए भी सड़क से गुजरना मुश्किल हो गया है। पुलिस और प्रशासन की शह पर ही सड़क के दोनों ओर रेहड़ी-पटरी वालों, दुकानदारों, अवैध पार्किंग और अस्थायी ढांचों ने स्थायी रूप से डेरा जमा रखा है। नतीजा यह है कि सड़कों की चौड़ाई सिकुड़कर आधी से भी कम रह गई है। जहां सामान्य दिनों में कुछ ही मिनटों में तय होने वाला सफर होता था, वहीं अब लोगों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ता है। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/13/ जनवरी /2026