राष्ट्रीय
13-Jan-2026
...


नई दिल्ली,(ईएमएस)। ईरान में जारी व्यापक विरोध प्रदर्शनों और बढ़ती हिंसा के बीच जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने ईरानी शासन को लेकर एक चौंकाने वाला और सख्त बयान दिया है। भारत दौरे पर मौजूद जर्मन चांसलर ने मंगलवार सुबह कहा कि ईरानी शासन के अंतिम दिन और सप्ताह अब दुनिया के सामने हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो शासन केवल हिंसा के बल पर सत्ता में बना रहता है, वह अपने अंत के बेहद करीब होता है। फ्रेडरिक मर्ज ने कहा कि ईरान में जनता अब खुलकर शासन के खिलाफ उठ खड़ी हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा ईरानी शासन को जनता द्वारा स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के माध्यम से कोई वास्तविक वैधता नहीं मिली है। ऐसे में जनता का विद्रोह इस बात का संकेत है कि शासन अपनी पकड़ खो चुका है। मर्ज ने उम्मीद जताई कि इस संघर्ष को शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त करने का कोई रास्ता निकले, लेकिन साथ ही चेतावनी दी कि मुल्ला शासन को अब यह बात समझ लेनी चाहिए। इस बीच, यूरोप के कई देश ईरान के खिलाफ कूटनीतिक दबाव बढ़ा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, स्पेन के विदेश मंत्री ने विरोध प्रदर्शनों को कुचलने और हिंसक कार्रवाई की कड़ी निंदा करने के लिए मैड्रिड में ईरान के राजदूत को तलब किया है। वहीं, फिनलैंड की विदेश मंत्री एलिना वाल्टोनेन ने भी ईरानी राजदूत को तलब करने की घोषणा की। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान की सरकार ने हत्याओं और दमन को छिपाने के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं, जो बेहद चिंताजनक है। अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच ईरान के निर्वासित युवराज रजा पहलवी ने भी बड़ा बयान दिया है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से ईरान के धार्मिक नेतृत्व के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने की अपील की है। हिदायत/ईएमएस 13जनवरी26