अंतर्राष्ट्रीय
14-Jan-2026


इस्लामाबाद,(ईएमएस)। वर्तमान में पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था गंभीर संकट में है। सेना प्रमुख मुल्ला मुरीन का पाकिस्तान कंगाली की कगार पर खड़ा हुआ है। इंटरनेशनल मॉनिटरिंग फंड (आईएमएफ) देश को कर्ज इसलिए देता है कि वहां आर्थिक सुधार करे और पुराने कर्ज चुकाने की रणनीति बनाए। हालांकि राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी और लंबे समय से चल रहे आर्थिक संकट के बीच पाकिस्तान की सरकारी कंपनियां लगातार घाटे में जा रही हैं। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इन कंपनियों का शुद्ध घाटा 300 प्रतिशत तक बढ़ गया है, जबकि करदाताओं के पैसे से दी जाने वाली मदद 2.1 ट्रिलियन रुपये तक पहुँच गई है। वित्त वर्ष 2025 में सरकारी कंपनियों का कुल राजस्व 1.4 ट्रिलियन से घटकर 12.4 ट्रिलियन रुपये रह गया, और कुल शुद्ध घाटा 30.6 अरब से बढ़कर 122.9 अरब रुपये हो गया। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और बिजली वितरण कंपनियां अभी भी भारी घाटे में चल रही हैं। रिपोर्ट में इस स्थिति को “भयानक संरचनात्मक विफलता” कहा गया है, जो लगातार सार्वजनिक संसाधनों को खा रही है और आर्थिक स्थिरता को कमजोर कर रही है। रिपोर्ट में इस बात का ज्रिक किया गया हैं कि गरीबों की जेब कट रही है जबकि अमीरों की कमाई बढ़ रही है। सरकार कागजी तौर पर जीडीपी बढ़ाने वाले क्षेत्रों, जैसे रियल एस्टेट, को बढ़ावा दे रही है। इससे अमीर वर्ग अपनी संपत्ति बढ़ाता है, लेकिन वास्तविक निवेश नहीं होता। 2019 के बाद से सबसे गरीब 20 प्रतिशत परिवारों की मासिक आय में 12 प्रतिशत की गिरावट आई है, जबकि अमीर वर्ग की आय में 7 प्रतिशत वृद्धि हुई है। वहीं आम लोगों की बचत 66 प्रतिशत घट गई है, और स्वास्थ्य व शिक्षा पर खर्च में 19 प्रतिशत की कमी हुई है। पाकिस्तान पर जून 2025 तक 80.6 ट्रिलियन रुपये का कर्ज है, और कर्ज-से- जीडीपी अनुपात 70 प्रतिशत तक पहुँच गया है। धीमी आर्थिक वृद्धि के कारण कर्ज हर दिन बढ़ रहा है। पाकिस्तान ने 2025 में अपना रक्षा बजट 20 प्रतिशत बढ़ा दिया, और कर्ज चुकाने के लिए हथियारों की बिक्री और चीन की मदद जैसी रणनीतियाँ अपनाई, लेकिन इससे आम जनता को कोई राहत नहीं मिल रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, सरकारी कंपनियों का लगातार घाटे में जाना, गरीबों की घटती आय और बढ़ता कर्ज पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर खतरे का संकेत है। यदि तत्काल सुधार नहीं हुए, तब देश का आर्थिक भविष्य और जनता की हालत और खराब हो सकती है। आशीष/ईएमएस 14 जनवरी 2026