क्षेत्रीय
14-Jan-2026
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- संबंध न बनाने पर कही थी माता-पिता के मर जाने की बात - फल का ठेला लगाने वाले निहाल ने खुद का बताया था तांत्रिक भोपाल(ईएमएस)। मध्य राजधानी भोपाल के हबीबगंज इलाके में साल 2021 में खुद को तांत्रिक बताकर 14 वर्षीय मासूम से दुष्कर्म के आरोपी निहाल बेग को सुनवाई पूरी होने के बाद विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) कुमुदिनी पटेल की कोर्ट ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सहित 11 हजार के जुर्माने की सजा से दण्डित किये जाने का फैसला सुनाया है। इसके साथ ही कोर्ट ने पीड़िता को 5 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति देने के आदेश भी दिए हैं। मामले में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक दिव्या शुक्ला व नवीन श्रीवास्तव ने पैरवी की है। मिली जानकारी के अनुसार सिंतबर 2021 में पीड़िता के पिता को कारोबार में घाटा हो गया था। उसी दौरान इलाके में फल का ठेला लगाने वाला आरोपी निहाल बेग तांत्रिक बनकर उनके संपर्क में आया था। उसने परिवार को भरोसा दिलाया कि उन पर जादू-टोना किया गया है, जिसके कारण वह परेशानी में घिरे हुए है। इस समस्या को वह तंत्र-मंत्र के जरिये काटकर दूर कर सकता है। उसके झांसे में आकर किशोरी के परिजन घर का शुद्धिकरण कराने के लिये उसे घर ले आए थे। इसी दौरान आरोपी घर के सभी सदस्यों को बारी-बारी कमरे में लेकर गया। जब वो पीड़िता को कमरे में लेकर गया, तो वहां डरा-धमकाकर उसके साथ दुष्कर्म कर डाला। इसके बाद आरोपी ने पीड़िता को डराते हुए कहा की यदि उसने लगातार संबंध नहीं बनाए, तो उसके माता-पिता की मौत हो जाएगी। इसके बाद वह मंत्र पढ़ा हुआ पानी पिलाकर करीब डेढ़ साल तक पीड़िता का शोषण करता रहा। मार्च 2023 में आरोपी ने कहा कि बुरी आत्माओ का असर खत्म हो गया है। इसके बाद पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर आरोपी की सारी करतूत परिजनो को बताई। परिजन पुलिस के पास पहुचें, सुनवाई के दौरान पीड़िता की मां ने कोर्ट को बताया कि जमानत पर बाहर आने के बाद भी आरोपी ने मनुआभान टेकरी पर पीड़िता का मोबाइल नंबर लिखकर उसे कॉल गर्ल के रूप में बदनाम किया, जिससे उसे अनजान नंबरों से परेशान करने वाले फोन आने लगे। चालान पेश होने के बाद सुनवाई के दौरान अभियोजन द्वारा दिये गये तथ्यो, पेश किये साक्ष्यो, गवाहो, मेडिकल रिर्पेाट के आधार पर आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। वहीं कोर्ट ने पीड़िता की पढ़ाई के प्रति रुचि को देखते हुए 5 लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की है। पीड़िता के पिता का देहांत हो चुका है और वह अब नर्सिंग की पढ़ाई कर अपना भविष्य संवारना चाहती है। जुनेद / 14 जनवरी