अंतर्राष्ट्रीय
15-Jan-2026
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तेहरान,(ईएमएस)। ईरान इस समय अपने इतिहास के सबसे गंभीर और रक्तरंजित दौर से गुजर रहा है। दिसंबर के अंत में महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ शुरू हुआ जन-आक्रोश अब एक व्यापक राजनीतिक क्रांति का रूप ले चुका है। मानवाधिकार संगठनों की रिपोर्टों के अनुसार, सुरक्षा बलों की दमनकारी कार्रवाई में अब तक हजारों प्रदर्शनकारी अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि अस्पतालों में घायलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सड़कों पर उतरकर लोग न केवल आर्थिक बदहाली बल्कि मानवाधिकारों और लोकतांत्रिक आजादी की मांग कर रहे हैं। इस बेहद तनावपूर्ण स्थिति के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आक्रामक बयानों ने वैश्विक स्तर पर हलचल पैदा कर दी है। राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान सरकार को दोटूक चेतावनी देते हुए कहा है कि वह वहां हो रही मासूमों की हत्याओं को कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। एक हालिया बयान में उन्होंने ईरान के परमाणु ठिकानों का जिक्र करते हुए सख्त लहजे में कहा कि ईरान को सही तरीके से पेश आना चाहिए, अन्यथा उसे गंभीर सैन्य परिणामों का सामना करना पड़ सकता है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान में जारी नरसंहार अस्वीकार्य है और अमेरिका वहां के नागरिकों के लिए आजादी और लोकतंत्र देखना चाहता है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरानी जनता के प्रति सहानुभूति व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया के जरिए प्रदर्शनकारियों का उत्साहवर्धन किया है। उन्होंने ईरानी प्रदर्शनकारियों से अपने संस्थानों पर अधिकार करने की अपील की और दमनकारी अधिकारियों को आगाह किया कि उन्हें अपने कृत्यों की भारी कीमत चुकानी होगी। ट्रंप ने ईरान के गौरवशाली अतीत को याद करते हुए कहा कि कभी यह निवेश और खुशहाली का केंद्र था, लेकिन वर्तमान शासन ने इसे नरक बना दिया है। अमेरिका ने इसी कड़ी में ईरानी अधिकारियों के साथ होने वाली सभी प्रस्तावित बैठकें भी रद्द कर दी हैं। दूसरी तरफ, ईरान के पूर्व शाह के बेटे रजा पहलवी ने भी सशस्त्र बलों से बड़ी अपील की है। उन्होंने सेना से आग्रह किया है कि वे शासन के बजाय देश की जनता के साथ खड़े हों। उन्होंने चेतावनी दी कि समय बहुत कम है और सेना को जल्द ही राष्ट्रहित में फैसला लेना होगा। ईरान में जारी इस उथल-पुथल और पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। यदि हिंसा का यह दौर नहीं रुका और कूटनीतिक समाधान नहीं निकला, तो यह संघर्ष किसी बड़े क्षेत्रीय युद्ध में तब्दील हो सकता है। वीरेंद्र/ईएमएस 15 जनवरी 2026