यह गिरोह छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत देश के कई हिस्सों में सक्रिय था नई दिल्ली,(ईएमएस)। महादेव सट्टेबाजी ऐप मामले में ईडी ने बड़ा एक्शन लेते हुए छत्तीसगढ़ में 21.45 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की है। अवैध सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क के खिलाफ एजेंसी ने ये कार्रवाई की। ईडी का कहना है कि यह कार्रवाई अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी गिरोह से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच पर आधारित है। यह गिरोह छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान और देश के अन्य हिस्सों में सक्रिय था। जब्त की गई संपत्तियों में अवैध सट्टेबाजी गतिविधियों से अर्जित अपराध की आय से प्राप्त संपत्तियां और निवेश शामिल हैं। ईडी की जांच में पता चला है कि महादेव सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म प्रमोटरों, पैनल संचालकों और एजेंटों के सुनियोजित नेटवर्क के जरिए संचालित हो रहा था। काली कमाई को फर्जी खातों, बेनामी खातों और कई स्तरों के वित्तीय लेनदेन के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग किया जाता था। जांचकर्ताओं ने बताया कि मुनाफे का बड़ा हिस्सा 70 से 75 फीसदी मुख्य प्रमोटरों को मिलता था, जबकि शेष हिस्सा एजेंटों और उप-एजेंटों में बांटा जाता था। ये लोग सट्टेबाजी के संचालन, अकाउंट्स के प्रबंधन और डिजिटल और सोशल मीडिया चैनलों के जरिए प्लेटफॉर्म को बढ़ावा देने में शामिल रहे हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि अवैध रकम को ट्रांसफर करने और छिपाने के लिए कई बैंक खातों और जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया था। अब तक ईडी ने कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया और हजारों करोड़ के वित्तीय लेन-देन की जांच की। अधिकारियों ने बताया कि महादेव सट्टेबाजी ऐप मामले में 2600 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सिराज/ईएमएस 15जनवरी26