- बैंक के ब्रांच, डिवीजन, सीनियर, मार्केटिंग मैनेजर सहित 9 के खिलाफ कसा शिकंजा - बैंक एजीएम की शिकायत पर जबलपुर ईओडब्ल्यू ने दर्ज की एफआईआर भोपाल/जबलपुर(ईएमएस)। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ(ईओडब्ल्यू),जबलपुर में केनरा बैंक शाखा आधारताल, जबलपुर में कूटरचित फर्जी रजिस्ट्री के आधार पर धोखाधडी कर होम लोन और बिजनेस लोन लेने वालो के साथ ही पद का दुरुपयोग करने वाले केनरा बैंक के अधिकारियों पर मामला दर्ज किया गया है। - यह था मामला विभाग द्वारा जारी की गई विज्ञप्ति के अनुसार ईओडब्ल्यू जबलपुर में अंबिका शरण सिंह, सहायक महाप्रबंधक, क्षेत्रीय कार्यालय, केनरा बैंक, जिला जबलपुर द्वारा शिकायत की गई थी, कि आरोपी सुमित सिंह एवं गालिब हुसैन के द्वारा केनरा बैंक शाखा आधारताल से फर्जी रजिस्ट्री पर लोन लेकर धोखाधडी की गई है। - जॉच में सामने आया 57 लाख का फर्जीवाडा शिकायत की जाँच में सामने आया कि आरोपी सुमित सिहं एवं गालिब हुसैन के द्वारा एक अन्य व्यक्ति को भूमि स्वामी दीनबंधू गोलछा के रूप में पेश कर फर्जी रजिस्ट्री कराकर जाली दस्तावेज तैयार किये। आरोपियो द्वारा जमीन का फर्जी मालिक खड़ा कर गालिब हुसैन और सुमित सिंह के नाम पर दो फर्जी रजिस्ट्री कराई। बाद में इन्हीं फर्जी रजिस्ट्रीयों को लगाकर बैंक के अधिकारियों के साथ मिली-भगत कर केनरा बैंक जबलपुर की आधारताल शाखा में आवास ऋण और दुकान खोलने के लिए चार लोन लिए। इन चारों लोन में 57 लाख रूपये लेकर बैंक की ईएमआई भी नहीं चुकाई। इस तरह आरोपी सुमित सिहं, गालिब हुसैन एवं आरोपी आरिफ अंसारी द्वारा 57 लाख रूपये की बैंक के साथ धोखाधड़ी की गई। - लाइन से फंसते गए बैंक अधिकारी आगे की जॉच में पता चला की केनरा बैंक आधारताल और केनरा बैंक की लोन स्वीकृत करने वाली आर.ए.एच. शाखा के 6 अधिकारियों ने षड्यंत्र पूर्वक पद का दुरूपयोग करते हुए आरोपियो के साथ मिलीभगत कर फर्जीवाड़े को अंजाम दिया है। जांच के बाद सुमित सिंह पिता केशव सिंह निवास, गालिब हुसैन पिता तजामुल हुसैन, आरिफ अंसारी पिता मुस्तकिम अंसारी के साथ ही दीपक गोस्वामी, तत्कालीन ब्रांच मैनेजर, कैनरा बैंक, शाखा आधारताल, जबलपुर, ग्यान रंजन तिर्की, डिवीजन मैनेजर, संदीप कुमार तिवारी, सीनियर मैनेजर, अमित शर्मा, मार्केटिंग मैनेजर, प्रतिध्वनि मिश्रा, बैंक अधिकारी, आगस्टाइन खंगवीर, बैंक अधिकारी सभी तत्कालीन अधिकारी आर.ए.एच. केनरा बैंक, जबलपुर के खिलाफ धारा 318(4), 336(3), 338,340(2), 61(2) बीएनएस 2023 एवं धारा-7सी, 13(1) ए 13(2) भ्रनिअ 2018 का अपराध प्रमाणित पाये जाने पर एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्यवाही की जा रही है। जुनेद / 15 जनवरी