राष्ट्रीय
16-Jan-2026
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बंगाल सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में बताया गया कोलकाता,(ईएमएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने अपनी जन कल्याणकारी योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए सिल्वर स्क्रीन का सहारा लिया है। इसके लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की प्रमुख योजनाओं को रोजमर्रा की जिंदगी बदलने वाला बताकर 55 मिनट की एक डॉक्यूमेंट्री का अनावरण किया है। ‘लोक्खी एलो घोरे’ शीर्षक वाली फिल्म का प्रीमियर बुधवार रात नंदन में हुआ, जहां तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी, पार्टी के सांसद और मंत्री तथा तमिलनाडु फिल्म उद्योग की जानी-मानी हस्तियां मौजूद रहीं। कहानी ग्रामीण बंगाली लड़की के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसने कम उम्र में अपने पति को खो दिया था। विधवा का किरदार अभिनेत्री सुभाश्री गांगुली ने निभाया है। उसके किसान पति की दिल का दौरा पड़ने से अचानक मौत के बाद उसकी जिंदगी बिखर जाती है। सामाजिक रीति-रिवाजों की जकड़न के साथ, विधवा को गरीबी और जड़ जमाए पितृसत्तात्मक मानदंडों के बीच अपने ही घर में अपमान का सामना करना पड़ता है। लेकिन इस कहानी में मोड़ तब आता है जब विधवा महिला को धीरे-धीरे राज्य की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलने लगता है। घरेलू सहायता के लिए लक्ष्मी भंडार, खाद्य सुरक्षा के लिए खाद्य साथी, खेती सहायता के लिए कृषक बंधु, आजीविका के लिए स्वयं सहायता समूहों के ऋण, देवरानी के बाल विवाह को रोकने के लिए कन्याश्री, स्वास्थ्य सेवा के लिए स्वास्थ्य साथी और स्थायी आवास के लिए बंगालार बाड़ी। ये सभी सरकारी पहल उस विधवा स्त्री को अपनी जिंदगी फिर से संवारने में मदद करते हैं। इस डायूक्म्रैट्री की स्क्रीनिंग के बाद सीएम ममता ने कहा, “किसी भी निर्वाचित सरकार का कर्तव्य और जिम्मेदारी अपने पूरे कार्यकाल के दौरान काम करना होता है। यह डॉक्यूमेंट्री सात या आठ योजनाओं को उजागर करती है लेकिन और भी कई योजनाएं हैं।” केंद्र पर वित्तीय वंचना का आरोप लगाकर ममता ने कहा कि धन रोकने के बावजूद कई योजनाएं लागू की गईं। उन्होंने कहा, “केंद्र पर बंगाल के करीब दो लाख करोड़ रुपये बकाया हैं। केंद्र सरकार दिल्ली बंगाल को वंचित रखना चाहती थी, लेकिन हम उनकी कृपा पर नहीं टिके। हमारी सरकार ने दिखाया है कि आत्मनिर्भर बंगाल का क्या मतलब है। आशीष दुबे / 16 जनवरी 2026