- प्राचार्य व वार्डन हटाए गए मोहला-मानपुर(ईएमएस)। जिले के अंबागढ़ चौकी में केंद्र सरकार द्वारा संचालित शासकीय एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में एक सप्ताह के भीतर दो नाबालिग छात्राओं द्वारा फिनाइल पीकर आत्महत्या का प्रयास किए जाने से हड़कंप मच गया है। दोनों ही छात्राओं की हालत गंभीर रही, जिन्हें राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। एक छात्रा इलाज के बाद घर लौट चुकी है, जबकि दूसरी का उपचार जारी है। जानकारी के अनुसार, विद्यालय की एक नाबालिग छात्रा ने फिनाइल का सेवन कर लिया था। तबीयत बिगड़ने पर विद्यालय स्टॉफ उसे अंबागढ़ चौकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गया, जहां से गंभीर हालत में राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। इलाज के बाद छात्रा स्वस्थ होकर घर लौट आई थी। इसी घटना के कुछ ही दिनों उसी आवासीय विद्यालय की एक अन्य नाबालिग छात्रा ने भी फिनाइल पीकर आत्मघाती कदम उठा लिया। उसे भी पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और फिर राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां उसका इलाज जारी है। अपर कलेक्टर ने दोनों घटनाओं की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जांच की जा रही है। प्रारंभिक कार्रवाई के तहत संबंधित प्राचार्य और हॉस्टल वार्डन को पद से हटा दिया गया है। हालांकि इस संवेदनशील मामले ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आदिवासी बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा के लिए संचालित एकलव्य आवासीय विद्यालय में ऐसी परिस्थितियां क्यों बन रही हैं, जिनसे छात्राएं आत्महत्या जैसा कदम उठाने को मजबूर हो रही हैं? क्या केवल प्राचार्य और वार्डन को हटाना पर्याप्त है, या जिम्मेदारों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज कर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए—यह बड़ा सवाल बना हुआ है। बताया जा रहा है कि अंबागढ़ चौकी परिसर में मोहला, मानपुर और अंबागढ़ चौकी के तीन एकलव्य विद्यालय संयुक्त रूप से संचालित होते हैं। पूर्व में भी यहां लापरवाही और अव्यवस्था के आरोप लगते रहे हैं, लेकिन आदिमजाति कल्याण विभाग और जिला प्रशासन द्वारा ठोस कदम नहीं उठाए गए। जिला पंचायत अध्यक्ष नम्रता सिंह ने अस्पताल पहुंचकर छात्राओं के परिजनों से मुलाकात कर हालचाल जाना। वहीं, लगातार सामने आ रही घटनाओं से अभिभावकों में भारी चिंता है। शुक्रवार को पालकों की बैठक प्रस्तावित है, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी। इधर, आदिवासी समाज ने भी कलेक्टर को लिखित आवेदन देकर विद्यालय में सामाजिक स्तर पर जांच की अनुमति देने की मांग की है। अनुमति मिली या नहीं, इस पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। लगातार दो आत्महत्या प्रयासों की घटनाओं ने जिले की प्रशासनिक व्यवस्था और विद्यालय प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सत्यप्रकाश(ईएमएस)16 जनवरी 2026