रायपुर(ईएमएस)। राजधानी रायपुर में जमीन खरीदी-बिक्री के नाम पर 11 करोड़ 50 लाख रुपए की बड़ी ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। औद्योगिक क्षेत्र उरला की 55 एकड़ जमीन को बेचने के नाम पर कारोबारी से करोड़ों रुपए ऐंठ लिए गए, जबकि वही जमीन पहले से ही बैंक में गिरवी रखी गई थी। पीड़ित कारोबारी विकास गोयल के साथ यह ठगी फैक्ट्री मालिक और कंपनी के डायरेक्टरों ने मिलकर की। सौदे की कुल कीमत 23 करोड़ रुपए तय हुई थी, जिसमें से आधी रकम यानी 11.50 करोड़ रुपए एडवांस के तौर पर ले ली गई। रजिस्ट्री से ठीक पहले खुलासा हुआ कि जमीन पर बैंक का भारी कर्ज बकाया है और उसे गिरवी रखकर पहले ही करोड़ों रुपए का लोन लिया जा चुका है। पीड़ित विकास गोयल ने पुलिस को बताया कि उनकी कंपनी संभव ट्यूब प्रा.लि. का कार्यालय अनुपम गार्डन के पास है। वर्ष 2023 में उनकी मुलाकात हाइटेक एब्रेसिव्स प्रा. लि. के डायरेक्टरों से हुई थी। कंपनी की उरला इलाके में करीब 55 एकड़ से ज्यादा जमीन है, जहां पहले फैक्ट्री संचालित होती थी, जो बाद में बंद हो गई। इसी जमीन को बेचने का सौदा 23 करोड़ में तय हुआ। कंपनी के डायरेक्टरों पर भरोसा कर विकास गोयल ने 11.50 करोड़ रुपए ट्रांसफर कर दिए। लेकिन रजिस्ट्री से पहले ही पता चला कि जमीन बैंक में बंधक है और कंपनी पर करोड़ों का कर्ज बकाया है। जमीन पर लोन और बंधक होने की जानकारी सामने आने के बाद सौदा रद्द कर दिया गया और एडवांस रकम वापस मांगी गई। लेकिन आरोपियों ने पैसे लौटाने के बजाय लगातार टालमटोल और गुमराह करना शुरू कर दिया, जिसके बाद पीड़ित ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया। पुलिस ने मामले में 70 वर्षीय नारायण प्रसाद टेकरीवाल, उनके बेटे पंकज टेकरीवाल और प्रीतम टेकरीवाल को गिरफ्तार किया है। तीनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 338 और 336(3) के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य डायरेक्टरों और आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस को शक है कि इस तरह के फर्जी जमीन सौदों के जरिए और भी लोगों को चूना लगाया गया हो सकता है। मामले की गहराई से जांच की जा रही है और बैंक रिकॉर्ड, कंपनी दस्तावेजों व लेन-देन की जांच शुरू कर दी गई है। सत्यप्रकाश(ईएमएस)17 जनवरी 2026