क्षेत्रीय
17-Jan-2026
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- घायल और मरने वालों की तस्वीरें देखकर दिल खून के आंसू रोता है इन्दौर (ईएमएस) मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खंडपीठ इन्दौर में जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की खंडपीठ ने मकर संक्रांति के दौरान हुए हादसों और गंभीर चोटों की रिपोर्ट के आधार पर चीनी मांझे के अवैध निर्माण, बिक्री और उपयोग से जुड़ी स्वतः संज्ञान जनहित याचिका की सुनवाई करते चीनी मांझे से हो रही मौतों और हादसों को लेकर राज्य सरकार पर सख्त नाराजगी जताते कोर्ट ने कहा कि मीडिया में कार्रवाई की खबरें जरूर आती हैं, लेकिन जमीनी हालात नहीं बदले। अदालत ने टिप्पणी की कि चीनी मांझे से घायल और मरने वालों की तस्वीरें देखकर दिल खून के आंसू रोता है। कोर्ट ने कहा कि प्रतिबंध के बावजूद दुर्घटनाएं लगातार हो रही हैं। यह प्रशासन की विफलता को दर्शाता है। जजों ने बताया कि नायलोन मांझे से उनके स्टाफ और स्टेनो तक घायल हो चुके हैं। गुजरात का उदाहरण देते हुए कोर्ट ने कहा कि वहां पतंग उत्सव होते हैं, लेकिन ऐसे हादसे नहीं होते। जिस पर सरकार की ओर से कोर्ट को बताया कि गुजरात ने 2018 में ही चीनी मांझे पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था। जिस पर कोर्ट ने सख्त निर्देश देते कहा कि चीनी मांझा बेचने या इस्तेमाल करने पर बीएनएस 2023 की धारा 106 (1) के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया जा सकता है और अगर नाबालिग इसका उपयोग करता है तो उसके अभिभावक जिम्मेदार होंगे। याचिका सुनवाई दौरान सीनियर एडवोकेट विवेक शरण ने पीड़ितों को मुआवजा देने, नायलोन मांझे को खतरनाक प्लास्टिक कचरा घोषित करने और सख्त कार्रवाई के सुझाव दिए। जिस पर कोर्ट ने कहा कि सिर्फ जागरूकता अभियान काफी नहीं है। इसके बाद कोर्ट ने मुख्य सचिव को समन्वय कर नीति बनाने के निर्देश देते याचिका पर अगली सुनवाई तारीख मार्च के दूसरे सप्ताह की तय की। आनन्द पुरोहित/ 17 जनवरी 2026