आरोपी अलगाववादी एजेंडे को आगे बढ़ाने और आतंकी नेटवर्क को समर्थन देने में शामिल थे नई दिल्ली,(ईएमएस)। कश्मीरी अलगाववादी नेता और प्रतिबंधित संगठन दुख्तरान-ए-मिल्लत (डीईएम) की प्रमुख आसिया अंद्राबी समेत दो अन्य आरोपियों की सजा पर एनआईए कोर्ट में शनिवार को सुनवाई टल गई। इस मामले में अब 2 फरवरी को सुनवाई होगी। एनआईए कोर्ट ने आसिया अंद्राबी को दोषी ठहराया है। अदालत ने उनके साथ उनकी दो सहयोगियों सोफी फहमिदा और नाहिदा नसरीन को भी दोषी माना। एनआईए ने आसिया अंद्राबी पर देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने, आतंकी संगठन को संचालित करने और आतंकवादी गतिविधियों के लिए साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। जांच एजेंसी का कहना है कि आरोपी अलगाववादी एजेंडे को आगे बढ़ाने और आतंकी नेटवर्क को समर्थन देने में संलिप्त थे। बता दें साल 2018 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने आसिया अंद्राबी को इस मामले में गिरफ्तार किया था। वह कश्मीर की पहली महिला अलगाववादी नेता मानी जाती हैं और उसने 1987 में दुख्तरान-ए-मिल्लत नाम का संगठन बनाया था। यह संगठन हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के महिला विंग के तौर पर काम करता था। बताया जाता है कि पाकिस्तान का कुख्यात आतंकी हाफिज सईद भी आसिया अंद्राबी को अपनी मुंहबोली बहन मानता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एनआईए कोर्ट ने बुधवार को कश्मीरी अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी और उनकी दो सहयोगियों को दोषी ठहराया था। एनआईए की जांच में यह सामने आया था कि आसिया और उसके सहयोगी लोगों को अलगाववादी विचारों के लिए प्रेरित करते थे और संगठन के जरिए ऐसे काम करते थे, जो देश के खिलाफ थे। बता दें पिछले साल 10 नवंबर को दिल्ली में लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट मामले में शामिल आरोपियों के तार भी दुख्तरान-ए-मिल्लत संगठन से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। मामले में गिरफ्तार शहजादा अख्तर पर महिलाओं के आतंकी ग्रुप दुख्तरान-ए-मिल्लत को फिर से शुरू करने की कोशिश करने का आरोप है। सिराज/ईएमएस 17जनवरी26 ----------------------------------