- किसानों को धान के बारदाने खुद सिलने पड़ रहे कोरबा (ईएमएस) छत्तीसगढ़ में धान खरीदी अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। ऐसे समय में जहां प्रशासन की निगरानी और व्यवस्थाएं और मजबूत होनी चाहिए, वहीं कोरबा जिले के छुरी धान खरीदी केंद्र से गंभीर अव्यवस्थाओं की तस्वीर सामने आई है। केंद्र में हमाली व्यवस्था की भारी कमी के चलते किसानों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार खरीदी केंद्र की भंडारण क्षमता पूरी तरह भर चुकी है। गोदामों में धान रखने की जगह नहीं बची है, जिससे किसानों को खुले में धान रखने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इसी अव्यवस्था के बीच एक 65 वर्षीय बुजुर्ग किसान खुद धान की सिलाई करते नजर आए। बुजुर्ग किसान ने बताया कि केंद्र में हमाल उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें मजबूरी में यह काम स्वयं करना पड़ रहा है, जबकि उनकी उम्र और स्वास्थ्य इसकी इजाजत नहीं देता। वहीं दूसरी ओर, कुछ किसानों को जहां हमाल उपलब्ध कराए गए हैं, वहां भी बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है। किसानों ने बताया कि केंद्र में पीने के पानी जैसी मूलभूत सुविधा तक नहीं है, जिससे उन्हें घंटों लाइन में खड़े रहकर भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। शासन के नियमों के अनुसार धान खरीदी से पहले धान को ढेरी कराया जाना अनिवार्य है, इसके बाद ही बारदाने में भरकर खरीदी की प्रक्रिया पूरी की जाती है, ताकि धान की गुणवत्ता और सफाई बनी रहे। लेकिन इस प्रक्रिया के चलते किसानों की परेशानी और बढ़ गई है। खासकर वे किसान जिनका धान पहले से ही साफ और सूखा है, उन्हें भी अनिवार्य रूप से ढेरी लगानी पड़ रही है, जिससे समय और मेहनत दोनों बढ़ रहे हैं। जानकारी के अनुसार मौके पर समिति प्रबंधक अशोक दुबे की अनुपस्थिति में मौजूद रही नोडल अधिकारी से जब हमाली व्यवस्था और अन्य अव्यवस्थाओं की जानकारी मांगी गई, तो उन्होंने इस पूरी स्थिति के लिए केंद्र प्रबंधक को जिम्मेदार ठहराया। ले 17 जनवरी / मित्तल