बिछुआ में बाघ का हमला किसान को खेत से खींच ले गया, किसान की मौत छिंदवाड़ा (ईएमएस)। जिले के बिछुआ विकासखंड के वन परिक्षेत्र कुंभपानी के गुमतरा में बाघ ने खेत में काम कर रहे एक किसान पर हमला कर लिया। इस हमले में किसान की मौत हो गई। किसान की पहचान राजकुमार कहार पिता सियाराम कहार के रूप में की गई है, जो खेतों में काम कर रहा था। घटना शुक्रवार देर रात उस समय हुई जब राजकुमार अपने खेत में पानी की सिंचाई कर रहा था और बाघ ने अचानक उस पर हमला कर अपना शिकार बना लिया। परिजनों को घटना का पता उस समय चला जब राजकुमार का पुत्र राजेश कहार शुक्रवार रात करीब एक बजे अपने खेत पहुंचा तो पिता राजकुमार का शव खेत के बगल में सडक़ पर लहुलुहान मृत अवस्था में पड़ा था। घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी, खबर मिलते ही वन विभाग के सहायक वन संरक्षक अतुल पारधी,वन परिक्षेत्र प्रभारी अधिकारी बलवंत केसवाल के साथ बिछुआ पुलिस का अमला भी शुक्रवार रात करीब 2 बजे मौके पर पहुंच गया। यहां पहुंचे अधिकारियों ने मृतक के शव का पंचनामा तैयार कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बिछुआ विकासखंड में बाघ के हमले में यह दूसरी मौत है। इससे पहले पेंच पार्क के बाघ ने किसनपुर गांव के बलराम डेहरिया को अपना शिकार बनाया था। बाघ के लगातार क्षेत्र में मूवमेंट और हमले से और ग्रामीणों में दहशत देखी जा रही है। दरअसल गुमतरा निवासी राजकुमार पिता सियाराम कहार का वन परिक्षेत्र बफर जोन कुंभपानी क्षेत्र से लगा खेत है। शुक्रवार की रात करीब १० बजे वह गेंहू की फसल में सिंचाई करने खेत गया था, इसी दौरान अचानक बाघ ने उस पर हमला बोल दिया और उसे घसीटकर सडक़ पर ले आया। इस बीच आसपास के किसानों ने शोर मचाया तो बाघ जंगल की तरफ भाग निकला। जब तक ग्रामीण उसे बचाने पहुंचे तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। हमले के बाद युवक का मिला शव, गांवों में दहशत पेंच टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में बाघ के हमले की घटना के बाद गुमतरा और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बन हुआ है। मौके पर पहुंचा वन अमले ने घटनास्थल पर मिले साक्ष्यों के आधार पर मौत का कारण बाघ का हमला माना है। वहीं एक पखवाड़े के भीतर बाघ के हमले से दूसरी मौत का मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश देखा जा रहा है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि बफर क्षेत्र से सटे गांवों में बाध की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। इस पर अंकुश लगाना जरूरी है। वन विभाग को इस दिशा में सार्थक प्रयास करने होंगे। इधर विभाग ने भी लोगों से रात में अकेले न निकलने की सलाह दी है। ग्रामीण बोले, बिजली विभाग घटना के जिम्मेदार बिछुआ के कुंभपानी वन परिक्षेत्र के गुमतरा बीट के कक्ष क्रमांक पी.एफ.-1409 लालमाटी क्षेत्र के पास घटित हुई। इस घटना के बाद ग्रामीण गुस्से में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस घटना के लिए बिजली विभाग पूरी तरह से जिम्मेदार है, क्योंकि विभाग द्वारा दिन में कटौती की जा रही है इसके कारण रात में विद्युत की आपूर्ति होती है और किसान रात मेें ही अपने खेतों में सिंचाई करने जा रहे हैं। ऐसे में किसानों पर हिंसक वन्य प्रार्णियों के हमले का खतरा बना रहता है। राजनैतिक पार्टियों और विभिन्न संगठनों द्वारा लगातार ज्ञापन सौंपकर बिजली विभाग बिजली सप्लाई मांग दिन में करने की मांग की जा रही है, लेकिन बिजली विभाग के आला अधिकारी कुंभकरण नींद सोए हुए हैं। इनका कहना है... टाइगर रिजर्व प्रबंधन द्वारा मृतक के छोटे भाई को शासन के नियम अनुसार सहायता राशि का चेक प्रदान किया गया है। साथ ही बाघ की लोकेशन ट्रेश की जा रही है। ग्रामीणों को रात में सतर्क रहने एवं जंगल के आसपास ना जाने के लिए अपील की गई है। अतुल पारधी एसडीओ, पेंच नेशनल पार्क सिवनी ईएमएस/मोहने/ 17 जनवरी 2026