चांचोड़ा तहसील सम्मेलन में हुई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा* गुना (ईएमएस) मध्यप्रदेश वैश्य महासम्मेलन तहसील चाचौड़ा द्वारा आयोजित तहसील सम्मेलन में संगठन को मजबूती प्रदान करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई । वैश्य समाज के अंतर्गत आने वाले सभी घटक समाजों के महिला , पुरुष एवं युवाओं को संगठन से जोड़ने का कार्य तेजी से किया जाएगा। मध्यप्रदेश वैश्य महासम्मेलन के ज़िलाध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने कहा कि इस हेतु संगठन के प्रत्येक तहसील पदाधिकारी को कम से कम दस नए सदस्य बनाने होंगे। ज़िला इकाई से पहुँचे पदाधिकारियों का चांचोड़ा तहसील सम्मेलन में सभी उपस्थित जनों के द्वारा भावभीना स्वागत किया गया । तहसील प्रभारी प्रदीप गुप्ता द्वारा सभी उपस्थित वैश्य बंधुओं का परिचय कराया गया। परिचर्चा के दौरान तहसील अध्यक्ष प्रदीप नाटानी द्वारा ज़िलाध्यक्ष राजेश अग्रवाल से जिला मुख्यालय पर एक वृहद सम्मेलन आयोजित किये जाने का आग्रह किया गया जिसे सर्वसम्मति के चलते ज़िलाध्यक्ष द्वारा स्वीकार किया गया एवं शीघ्र ही कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने का आश्वासन दिया गया। वैश्य महासम्मेलन के जिला महामंत्री विकास जैन नख़राली ने बताया कि इन दिनों संगठन के ज़िलाध्यक्ष राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में जिले की सभी तहसीलों में तहसील सम्मेलन के साथ ही वैश्य कैलेण्डर 2026 का विमोचन भी किया जा रहा है। जिसका मूल उद्देश्य संगठन को तहसील स्तर तक एवं ग्रामीण क्षेत्र तक मज़बूती प्रदान करना है । तत्पश्चात् सभी वैश्य घटक समाज अध्यक्ष, संगठन के पदाधिकारियों की उपस्थिति में वैश्य कैलेण्डर 2026 का विमोचन कार्यक्रम संपन्न हुआ । बैठक में सभी तहसील पदाधिकारियों द्वारा कैलेंडर की प्रशंसा करते हुए शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त किया गया । इस अवसर पर वैश्य महासम्मेलन के ज़िलाध्यक्ष राजेश अग्रवाल के साथ जिला प्रभारी इंजी. देवेन्द्र नाथ नीखरा एवं जिला महामंत्री विकास जैन नख़राली तहसील सम्मेलन में उपस्थित रहे एवं चांचोड़ा तहसील पदाधिकारियों में अध्यक्ष प्रदीप नाटानी , प्रभारी प्रदीप गुप्ता , तहसील महिला इकाई प्रभारी प्रेमलता अग्रवाल महिला अध्यक्ष ब्रजेश गोयल , सौभाग्य मल पालीवाल, महेश गोयल, घनश्याम दास गोयल, मुकेश गुप्ता, पार्षद आशीष खंडेलवाल, ज्योति बंसल, एकता गोयल,सहित बड़ी संख्या में वैश्य बंधु एवं महिला शक्ति की उपस्थिति रही। अंत में महेश गोयल ने सभी का आभार व्यक्त किया ।( सीताराम नाटानी)