क्षेत्रीय
20-Jan-2026
...


बालोद(ईएमएस)। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की संलिप्तता से जुड़े चौंकाने वाले मामले का खुलासा हुआ है। आरोप है कि जंगलों की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने वाले अधिकारी ही बेसकीमती सागौन के पेड़ों की अवैध कटाई में शामिल थे और कटे हुए पेड़ों से अपने लिए टी-टेबल, ड्रेसिंग टेबल और अन्य फर्नीचर तैयार करवाए। जांच में सामने आया कि अवैध रूप से कटाई गई सागौन की लकड़ी को वन विभाग के काष्ठागार में सुरक्षित रखा गया और वहीं से आरा-मिल में चिरान कराकर कारपेंटर तक पहुंचाया गया। शिकायत के आधार पर रायपुर से आई टीम ने काष्ठागार और कारपेंटर के यहां से लकड़ी और तैयार चिरान को जब्त कर लिया। सूत्रों के अनुसार, तत्कालीन वनमंडल अधिकारी अभिषेक अग्रवाल के निर्देश पर डौंडी रेंजर जीवन लाल भोंडेकर को आदेश दिए गए थे। लकड़ी को डौंडी परिक्षेत्र के बीटेझर बिट से भेजा गया और अधिकारियों को खुश करने के लिए उड़नदस्ता गाड़ी से बिट गार्ड ईश्वर साहू के माध्यम से रवाना किया गया। मामले में एसडीओ जीवन लाल सिन्हा ने जानकारी देने से बचने की कोशिश की, जिससे मामले में संदेह और बढ़ गया। आज रायपुर से वरिष्ठ अधिकारी बालोद पहुंचे और मामले की विस्तृत जांच शुरू की। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की संभावना जताई जा रही है। सत्यप्रकाश(ईएमएस)20 जनवरी 2026