ज़रा हटके
21-Jan-2026
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अमेजन (ईएमएस)। साल 2024 में यह स्पष्ट हुआ कि अमेजन के घने जंगलों और नदियों में रहने वाला एनाकोंडा असल में दो अलग-अलग प्रजातियां हैं। यह अहम खोज इक्वाडोर के अमेजन क्षेत्र में हुई, जहां साल 2022 में वैज्ञानिक एनाकोंडा के डीएनए पर रिसर्च कर रहे थे। इसी दौरान जंगल में एक बेहद विशाल मादा एनाकोंडा मिली, जिसे पहली बार कैमरे में रिकॉर्ड किया गया। यह दृश्य नेशनल जियोग्राफिक की एक डॉक्यूमेंट्री का हिस्सा बनेगा, जिसमें अभिनेता विल स्मिथ भी नजर आएंगे। एक रिपोर्ट के अनुसार, यह खोज तब हुई जब वैज्ञानिक ब्रायन फ्राई अपनी टीम और स्थानीय वाओरानी आदिवासियों के साथ एक नदी के किनारे पहुंचे। वहां उन्हें करीब 16 से 17 फीट लंबी मादा एनाकोंडा दिखाई दी। एनाकोंडा जहरीली नहीं होती, लेकिन यह अपने शिकार को शरीर से इतनी मजबूती से जकड़ लेती है कि उसकी सांस रुक जाती है, जिससे शिकार की मौत हो जाती है। ऐसे में इसके बेहद पास जाना भी जानलेवा हो सकता है। वैज्ञानिकों ने बेहद सावधानी से इसकी त्वचा का एक छोटा सा नमूना लिया और उसकी आनुवंशिक जांच की। इसी सैंपल और अन्य नमूनों के विश्लेषण से पता चला कि ग्रीन एनाकोंडा दो अलग प्रजातियों में बंटी हुई है दक्षिणी ग्रीन एनाकोंडा और उत्तरी ग्रीन एनाकोंडा, जिसे अब एक नई प्रजाति के रूप में मान्यता दी गई है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इन दोनों प्रजातियों का रिश्ता करीब एक करोड़ साल पहले अलग हो गया था। इतने लंबे समय में इनके डीएनए में लगभग 5.5 प्रतिशत का अंतर आ चुका है। तुलना के लिए, इंसान और बंदर के डीएनए में अंतर महज 2 प्रतिशत के आसपास होता है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह खोज कितनी महत्वपूर्ण और चौंकाने वाली है। उत्तरी ग्रीन एनाकोंडा अमेजन के उत्तरी हिस्सों में पाई जाती है, जिनमें इक्वाडोर, कोलंबिया और वेनेजुएला जैसे देश शामिल हैं। वहीं दक्षिणी ग्रीन एनाकोंडा ब्राजील और पेरू के इलाकों में रहती है। दोनों ही प्रजातियां ज्यादातर समय पानी में रहती हैं और हरे रंग के कारण अपने वातावरण में आसानी से छिप जाती हैं। रिसर्च में यह भी सामने आया कि मादा उत्तरी ग्रीन एनाकोंडा आकार और वजन में सबसे बड़ी होती है। कुछ मादाओं का वजन 250 किलो से भी ज्यादा हो सकता है। नर और मादा के भोजन में भी फर्क पाया गया। मादा आमतौर पर हिरण जैसे बड़े जानवरों का शिकार करती है, जबकि नर मगरमच्छ और बड़ी शिकारी मछलियों को खाता है। इस अध्ययन ने इंसानों के लिए भी एक गंभीर चेतावनी दी है। वैज्ञानिकों ने पाया कि नर एनाकोंडा के शरीर में सीसा और कैडमियम जैसी जहरीली धातुएं बेहद ज्यादा मात्रा में जमा हो रही हैं। ये तत्व तेल रिसाव और पर्यावरण प्रदूषण के जरिए पानी में पहुंचते हैं। चूंकि अमेजन क्षेत्र के कई आदिवासी समुदाय वही मछलियां खाते हैं, जो नर एनाकोंडा के आहार का हिस्सा हैं, इसलिए यह सांप इंसानों के स्वास्थ्य के लिए एक संकेतक बन गया है। शोध में सामने आया कि नर एनाकोंडा में ये जहरीले तत्व मादा की तुलना में करीब 1000 प्रतिशत ज्यादा पाए गए हैं। इसी खतरे को देखते हुए वैज्ञानिक अब वाओरानी समुदाय के लिए एक विशेष फूड गाइड तैयार कर रहे हैं, जिसमें गर्भवती महिलाओं और बच्चों को बड़ी शिकारी मछलियों और ऊपरी स्तर के जानवरों से दूरी बनाने की सलाह दी जाएगी। सुदामा/ईएमएस 21 जनवरी 2026