नई दिल्ली (ईएमएस)। स्वस्थ जीवन के लिए नियमित दिनचर्या के साथ योग को अपनाना बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, योग के कई आसनों में कटिचक्रासन एक ऐसा आसन है, जो शरीर को सक्रिय रखने के साथ वजन नियंत्रण में भी मदद करता है। जानेमाने योगाचार्यों के अनुसार कटिचक्रासन एक कमर घुमाने वाला योगासन है, जो पेट की चर्बी कम करने, पाचन तंत्र को मजबूत बनाने और शरीर की अतिरिक्त कैलोरी को बर्न करने में सहायक माना जाता है। इस आसन का नियमित अभ्यास करने से कमर लचीली बनी रहती है और शरीर में ऊर्जा का स्तर भी बेहतर होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि रोजाना करीब 5 से 10 मिनट इस आसन का अभ्यास करने से वजन को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है, हालांकि इसके साथ संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना भी जरूरी है। मिनिस्ट्री आफ आयूष भी इस योगासन के महत्व पर प्रकाश डालता है। मंत्रालय के अनुसार कटिचक्रासन के नियमित अभ्यास से रीढ़, गर्दन और कंधों की जकड़न दूर होती है। इसके साथ ही यह पीठ को मजबूत बनाने, कमर के आसपास जमी अतिरिक्त चर्बी को कम करने और पेट के अंदर मौजूद अंगों जैसे किडनी को सक्रिय रखने में मदद करता है। इस आसन के अभ्यास से शरीर में रक्त संचार भी बेहतर होता है, जिससे समग्र स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। कटिचक्रासन को करना अपेक्षाकृत आसान माना जाता है। इसे करने के लिए सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं और गहरी सांस लेते हुए दोनों हाथों को सामने की ओर उठाएं, ताकि हथेलियां एक-दूसरे के सामने रहें। इसके बाद सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे कमर से बाईं ओर मुड़ें। इस दौरान दाहिने हाथ को बाएं कंधे पर रखें और बाएं हाथ को पीछे की ओर घुमाते हुए दाईं कमर की तरफ ले जाने की कोशिश करें। साथ ही गर्दन को भी बाईं ओर घुमाकर पीछे की ओर देखें। कुछ सेकंड तक इसी स्थिति में सामान्य रूप से सांस लेते रहें। इसके बाद सांस भरते हुए वापस सामने की ओर आ जाएं और यही प्रक्रिया दूसरी दिशा यानी दाईं ओर भी दोहराएं। योग विशेषज्ञों का कहना है कि सुबह के समय योग और हल्की शारीरिक गतिविधियां करने से न केवल मोटापा कम करने में मदद मिलती है, बल्कि शरीर कई बीमारियों से भी सुरक्षित रहता है। हालांकि विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि गर्भवती महिलाएं, हाल ही में सर्जरी करवाने वाले लोग या गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीज इस आसन का अभ्यास करने से पहले डॉक्टर या योग विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें। सुदामा/ईएमएस 12 मार्च 2026