नई दिल्ली (ईएमएस)। नेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार, बढती उम्र के साथ प्रोटीन से भरपूर भोजन हड्डियों की सेहत के लिए जरूरी है। शाकाहारी लोगों के लिए मसूर दाल, राजमा, चना, दूध, पनीर, दही जैसे फूड्स फायदेमंद हैं, वहीं मांसाहारी लोग अंडा और मछली को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। प्रोटीन शरीर की मरम्मत करता है और मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखता है, जो हड्डियों को सहारा देते हैं। वृद्धावस्था में नियमित रूप से कुछ समय धूप में बिताना भी बेहद लाभकारी है। सुबह की हल्की धूप से विटामिन-डी मिलता है, जो कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है और हड्डियों को मजबूत बनाता है। विटामिन-डी के लिए फिश, अंडे की जर्दी, फोर्टिफाइड अनाज और दूध को भी डाइट में शामिल करें। कैल्शियम भी हड्डियों के लिए उतना ही जरूरी है। दूध, दही, पनीर, हरी पत्तेदार सब्जियां, तिल, बादाम और सोया मिल्क इसके अच्छे स्रोत हैं। यदि कैल्शियम की कमी हो जाए तो हड्डियां खोखली हो सकती हैं और फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही, नियमित रूप से हल्का-फुल्का व्यायाम भी जरूरी है। पैदल चलना, योग या अन्य शारीरिक गतिविधियां हड्डियों को सक्रिय बनाए रखती हैं और पोस्चर को सुधारती हैं। गलत पोस्चर में बैठना या लंबे समय तक निष्क्रिय रहना हड्डियों को नुकसान पहुंचा सकता है। धूम्रपान और शराब का सेवन वृद्धावस्था में हड्डियों को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा सकता है। ये आदतें न केवल ऑस्टियोपोरोसिस को बढ़ावा देती हैं, बल्कि शरीर की समग्र कार्यक्षमता को भी प्रभावित करती हैं। इसके साथ ही, बढ़ा हुआ वजन भी हड्डियों पर दबाव डालता है, जिससे जोड़ और हड्डियां दोनों कमजोर हो सकते हैं। ऐसे में वजन को नियंत्रण में रखना भी जरूरी है। सही डाइट, नियमित व्यायाम और स्वस्थ आदतों के जरिए बढ़ती उम्र में भी हड्डियों को मजबूत रखा जा सकता है और जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाया जा सकता है। हैल्थ एक्सपटर्स की माने तो जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, शरीर में कई बदलाव आने लगते हैं और सेहत पर खास ध्यान देना जरूरी हो जाता है। खासकर हड्डियों की मजबूती बनाए रखना बहुत जरूरी है क्योंकि वृद्धावस्था में हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। यदि समय रहते इनका ख्याल न रखा जाए, तो ऑस्टियोपोरोसिस जैसी गंभीर समस्या जन्म ले सकती है। यह एक हड्डी रोग है, जिसमें हड्डियों की मिनरल डेंसिटी और बोन मास में गिरावट आ जाती है, जिससे वे इतनी कमजोर हो जाती हैं कि मामूली चोट से भी फ्रैक्चर हो सकता है। सुदामा/ईएमएस 21 जनवरी 2026