एटा (ईएमएस)। उत्तर प्रदेश के एटा जिले के नगला प्रेमी गांव में हुए चारहरे हत्याकांड ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। इस जघन्य वारदात में दवा कारोबारी कमल सिंह ने ही अपने बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी और बेटी की बेरहमी से ईंट से वार कर हत्या कर दी। पुलिस ने मंगलवार को हत्याकांड का खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि छोटी बेटी ज्योति की शादी के लिए चार लाख रुपये की व्यवस्था न हो पाने से कमल मानसिक तनाव में था, जिसके चलते उसने यह खौफनाक कदम उठाया। सोमवार दोपहर करीब 2:35 बजे पुलिस को सूचना मिली कि नगला प्रेमी गांव के एक मकान में एक ही परिवार के कई लोगों की हत्या कर दी गई है। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। जांच में पाया गया कि घर के भूतल पर 70 वर्षीय गंगा सिंह शाक्य का शव पड़ा था, जबकि पहली मंजिल पर उनकी पत्नी श्यामा देवी (65), पुत्रवधू रत्ना देवी (40) और पौत्री ज्योति (23) के शव मिले। चारों के सिर और चेहरे बुरी तरह कुचले हुए थे। चारों शवों का पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों की टीम ने किया, जिसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की भयावह क्रूरता सामने आई। डॉक्टरों के मुताबिक, सभी के सिर और चेहरे पर ईंट से ताबड़तोड़ वार किए गए थे, जिससे दिमाग की नसें फट गई थीं और चेहरे, गर्दन व सिर की कई हड्डियां टूट गई थीं। रिपोर्ट देखकर चिकित्सक भी सिहर उठे। मृतकों का विसरा सुरक्षित रखा गया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि हत्या से पहले उन्हें कोई नशीला पदार्थ तो नहीं दिया गया था। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की। जांच में पता चला कि घर के मुख्य गेट के सामने लगे कैमरे का समय वास्तविक समय से करीब 29 मिनट पीछे था, जबकि पीछे की गली में लगा कैमरा सही समय पर चल रहा था। फुटेज में घटना के समय घर के अंदर और बाहर किसी बाहरी व्यक्ति की आवाजाही नहीं दिखी। केवल कमल सिंह ही घर में आता-जाता नजर आया। मृतका ज्योति के मोबाइल फोन की जांच में यह भी सामने आया कि वह दोपहर 1:20 बजे तक चैटिंग कर रही थी। उसकी बड़ी बहन लक्ष्मी ने दोपहर 1:10 बजे फोन कर पिता के बारे में पूछा था, तब ज्योति ने बताया था कि पिता खाना खाने घर आए हैं। इससे हत्या का समय भी स्पष्ट हो गया। पूछताछ में कमल सिंह ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उसकी छोटी बेटी ज्योति की शादी 10 फरवरी को तय थी। लड़की पक्ष को चार लाख रुपये देने थे, जिसकी व्यवस्था वह नहीं कर पा रहा था। इसी बात को लेकर सोमवार दोपहर पत्नी रत्ना देवी से उसका विवाद हुआ। गुस्से और आवेश में आकर उसने छत पर पड़ी इंटरलॉकिंग ईंट से पहले पत्नी, फिर बेटी और मां के सिर पर वार किए और उनकी हत्या कर दी। इसके बाद नीचे आकर उसने पिता पर भी ईंट से हमला कर जान ले ली। मंगलवार को एटा के भूतेश्वर श्मशान घाट पर चारों शवों का अंतिम संस्कार किया गया। एक साथ जली चार चिताओं को देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। 12 वर्षीय मासूम देवांश ने रोते हुए दादा-दादी, मां और बहन को मुखाग्नि दी। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।