21-Jan-2026
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लंदन,(ईएमएस)। विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक के दौरान वैश्विक राजनीति में उस वक्त तनाव और बढ़ गया जब यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ संबंधी धमकियों पर कड़ा रुख अख्तियार किया। ग्रीनलैंड को लेकर बढ़ते विवाद के बीच उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका द्वारा टैरिफ लगाने का कोई भी कदम एक बड़ी गलती साबित होगा और यह दशकों पुरानी रणनीतिक साझेदारी को अपूरणीय क्षति पहुंचा सकता है। उर्सुला ने अपने संबोधन में अंतरराष्ट्रीय समझौतों की पवित्रता पर जोर देते हुए कहा कि राजनीति और व्यापार दोनों में ही डील का मतलब अंतिम होता है। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले साल जुलाई में यूरोपीय संघ और अमेरिका के बीच एक व्यापार समझौता हुआ था, जिसे निभाया जाना चाहिए। उनके अनुसार, जब दो मित्र राष्ट्र हाथ मिलाते हैं, तो उस भरोसे की अहमियत होनी चाहिए। यह विवाद तब गहराया जब डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को एक बार फिर ग्रीनलैंड को लेकर अपनी महत्वाकांक्षा जाहिर की। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में धमकी दी है कि जब तक ग्रीनलैंड को लेकर कोई ठोस समझौता नहीं हो जाता, तब तक वह यूरोपीय देशों पर भारी टैरिफ लगाने की अपनी योजना पर शत-प्रतिशत आगे बढ़ेंगे। ट्रंप के प्रस्ताव के मुताबिक, 1 फरवरी से डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, नीदरलैंड और फिनलैंड से अमेरिका को निर्यात किए जाने वाले सभी सामानों पर 10 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाएगा। ट्रंप की इस आर्थिक घेराबंदी को यूरोप ने अपने संप्रभु अधिकारों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों के उल्लंघन के रूप में देखा है। यूरोपीय संघ की अध्यक्ष ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि हमें नीचा दिखाने या कमजोर करने की कोशिशें केवल उन साझा दुश्मनों को फायदा पहुंचाएंगी, जिन्हें रणनीतिक पटल से बाहर रखने के लिए दोनों राष्ट्र प्रतिबद्ध रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस मुद्दे पर यूरोप का जवाब अटल और पूरी तरह एकजुट है। इस तनावपूर्ण माहौल के बीच यूरोप ने अपनी रणनीति को भी धार देना शुरू कर दिया है। वॉन डेर लेयेन ने संकेत दिया कि यूरोप अब आर्कटिक सुरक्षा पर अधिक सक्रिय भूमिका निभाएगा और ग्रीनलैंड में बड़े पैमाने पर यूरोपीय निवेश बढ़ाने पर काम कर रहा है। बदलते वैश्विक परिदृश्य का हवाला देते हुए उर्सुला ने कहा कि दुनिया स्थायी रूप से बदल चुकी है और यूरोप को भी इसके अनुरूप खुद को ढालना होगा। उन्होंने यूरोप की सुरक्षा रणनीति को अपग्रेड करने और आर्कटिक क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने डेनमार्क और ग्रीनलैंड के लोगों के प्रति अपनी पूरी एकजुटता व्यक्त की। इसी कड़ी में यूरोपीय संसद के वरिष्ठ सदस्य मैनफ्रेड वेबर ने भी सचेत किया कि ट्रंप की बयानबाजी पिछले साल हुए महत्वपूर्ण व्यापारिक समझौतों को संकट में डाल सकती है। स्पष्ट है कि ग्रीनलैंड अब केवल एक भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि अमेरिका और यूरोप के बीच वर्चस्व और कूटनीतिक प्रतिष्ठा का बड़ा केंद्र बन गया है। वीरेंद्र/ईएमएस/21जनवरी2026