कीव,(ईएमएस)। दुनिया की सबसे भीषण परमाणु त्रासदी का गवाह रहे यूक्रेन के चेरनोबिल न्यूक्लियर पावर प्लांट में मंगलवार को एक बार फिर गंभीर संकट की स्थिति पैदा हो गई। रूसी सेना द्वारा किए गए भीषण ड्रोन और मिसाइल हमलों के कारण यह प्लांट अचानक अपनी बाहरी बिजली आपूर्ति से पूरी तरह कट गया। संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने इस घटना की पुष्टि करते हुए परमाणु सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। मंगलवार सुबह रूस ने यूक्रेन के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर हमले किए। इन हमलों में कई महत्वपूर्ण बिजली सबस्टेशन्स क्षतिग्रस्त हो गए, जो परमाणु संयंत्रों के सुरक्षित संचालन के लिए अनिवार्य माने जाते हैं। हमलों के कारण न केवल चेरनोबिल की बिजली आपूर्ति बाधित हुई, बल्कि यूक्रेन के अन्य परमाणु ऊर्जा संयंत्रों से जुड़ी पावर लाइन्स पर भी बुरा असर पड़ा। इस सैन्य कार्रवाई ने राजधानी कीव सहित कई इलाकों को कड़ाके की ठंड के बीच अंधेरे में झोंक दिया, जिससे हजारों घरों में हीटिंग और पानी की सप्लाई ठप हो गई। चेरनोबिल प्लांट हालांकि 1986 की दुर्घटना के बाद से डीकमीशन किया जा चुका है और वर्तमान में बंद है, लेकिन इसके बावजूद यहां बिजली की निरंतर आपूर्ति अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्लांट में मौजूद खर्च हो चुके परमाणु ईंधन को ठंडा रखने और सुरक्षा प्रणालियों को चालू रखने के लिए बिजली की आवश्यकता होती है। बाहरी ग्रिड से संपर्क टूटने के तुरंत बाद प्लांट के आपातकालीन बैकअप जनरेटर और आंतरिक सुरक्षा प्रणालियां सक्रिय हो गईं, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कहा कि वे परमाणु सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभावों का लगातार आकलन कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि सक्रिय युद्ध क्षेत्र में परमाणु केंद्रों के करीब इस तरह के हमले अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के लिए बड़ा जोखिम पैदा करते हैं। हालांकि, यूक्रेन के ऊर्जा मंत्रालय ने बाद में राहत की खबर देते हुए बताया कि चेरनोबिल की बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है और संयंत्र को पुनः यूनाइटेड एनर्जी सिस्टम से जोड़ दिया गया है। राहत की बात यह है कि इस घटना से फिलहाल पर्यावरण या जनहानि का कोई सीधा खतरा पैदा नहीं हुआ है। लेकिन बार-बार हो रहे इन हमलों ने यूक्रेन को अंतरराष्ट्रीय मंच पर आवाज उठाने के लिए मजबूर कर दिया है। यूक्रेन ने इस मुद्दे पर चर्चा करने और रूसी हमलों के परमाणु सुरक्षा पर पड़ने वाले दीर्घकालिक प्रभावों का जायजा लेने के लिए बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की आपात बैठक बुलाने की मांग की है। वीरेंद्र/ईएमएस/21जनवरी2026