राज्य
21-Jan-2026
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रायपुर(ईएमएस)। राजधानी रायपुर के तहसील कार्यालय में SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने देर रात जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने बीजेपी के इशारे पर मतदाताओं के नाम काटे जाने का आरोप लगाते हुए तहसील कार्यालय में नारेबाजी की और दावा-आपत्ति से जुड़े फॉर्म दिखाने की मांग की। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि नियमों के मुताबिक एक दिन में 30 से 50 दावा-आपत्ति फॉर्म ही स्वीकार किए जा सकते हैं, जबकि रायपुर तहसील कार्यालय में करीब 400 फॉर्म नियमों के विपरीत स्वीकार किए गए। कांग्रेस का कहना है कि यह सब भाजपा के दबाव में किया गया और चुनिंदा मतदाताओं के नाम जानबूझकर काटे जा रहे हैं। जब कांग्रेस नेताओं ने जमा फॉर्म दिखाने की मांग की तो तहसीलदार ने संबंधित बाबू के फोन नहीं उठाने की बात कही। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तहसील कार्यालय के भीतर प्रदर्शन शुरू कर दिया और केबिन में बैठकर नारेबाजी की। मौके पर पहुंची पुलिस ने कांग्रेसियों को हिरासत में लेकर सेंट्रल जेल पहुंचा दिया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच झूमाझटकी की भी स्थिति बनी। मामले की जानकारी मिलते ही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारियों के साथ सेंट्रल जेल परिसर पहुंचे और धरने पर बैठ गए। उन्होंने SIR प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग और सरकार पर सवाल खड़े किए। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे थे, इसके बावजूद उन्हें शांति भंग के झूठे आरोप में जेल भेज दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के कार्यकर्ता तहसील कार्यालय में बाबुओं के माध्यम से बल्क में फॉर्म जमा करा रहे हैं और SIR के नाम पर पूरे देश में मतदाताओं के नाम काटने का खेल चल रहा है। दीपक बैज ने कहा कि जब नाम काटने का विरोध किया गया और फॉर्म दिखाने की मांग की गई, तो अधिकारी फॉर्म दिखाने को तैयार नहीं हुए। उन्होंने सवाल किया कि क्या विपक्ष सवाल नहीं उठा सकता और क्या चुनाव आयोग मनमाने तरीके से काम करता रहेगा? मामला बढ़ता देख मजिस्ट्रेट मौके पर पहुंचे और सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जिसके बाद उन्हें निशर्त रिहा कर दिया गया। कांग्रेस ने साफ कहा है कि उनकी केवल एक ही मांग है—SIR प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो और किसी भी मतदाता के साथ अन्याय न किया जाए। सत्यप्रकाश(ईएमएस)21 जनवरी 2026