राष्ट्रीय
21-Jan-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों से दुनिया हिली हुई है। बीते साल 2025 में जोरदार टैरिफ अटैक करने के बाद ट्रंप ने फिर टैरिफ बम फोड़ना शुरू किया है और हर दिन नई टैरिफ धमकियां दे रहे हैं। इस बीच उन्होंने रूसी तेल की खरीद को लेकर एक प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है, जो उन्हें 500 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का प्रावधान है। इसके बाद क्या भारत पर भी ये हाई टैरिफ लग सकता है? इस पर अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने बड़े संकेत दिए हैं। दावोस वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में अमेरिकी वित्त मंत्री बेसेंट ने रूसी तेल खरीदने वाले देशों के बारे में खुलकर बात की और खासतौर पर यूरोपीय देशों को लेकर कहा कि वे खुद के खिलाफ युद्ध को वित्तपोषित करने का काम कर रहे हैं। एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा कि अमेरिका के लिए हालात बहुत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। बेसेंट ने सीनेटर लिंडसे ग्राहम द्वारा सीनेट में रखे गए उस प्रस्ताव के बारे में बात की, जिसमें रूसी तेल खरीदना जारी रखने वालों को 500 प्रतिशत टैरिफ लगाकर दंडित करने का प्रावधान है। उन्होंने इस प्रस्ताव पर कहा कि हम देखते हैं कि ये प्रस्ताव पास होता हैं या फिर नहीं। बता दें कि ट्रंप ने सैंक्शनिंग रशिया एक्ट ऑफ 2025 को मंजूरी दी है, जो रूसी तेल का आयात करने वाले देशों पर 500 प्रतिशत का भारी-भरकम टैरिफ लगाने की अनुमति देता है। बिल के तहत भारत और चीन जैसे देशों से आयातित सामानों पर हाई टैरिफ लग सकते हैं। ट्रंप प्रशासन ने ये कदम खासतौर पर यूक्रेन युद्ध के शांति समझौते पर बातचीत से इंकार करने वाली पुतिन सरकार पर सख्ती के बाद उठाया है। इस सैंक्शनिंग रशिया एक्ट को अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने ट्रंप के साथ मिलकर तैयार किया है। इस प्रस्ताव को खासतौर पर चीन, भारत और ब्राजील जैसे देशों पर सीधा निशाना बताया गया है, क्योंकि ये रूसी तेल के बड़े आयातकों में टॉप पर हैं। बेसेंट ने कहा कि अमेरिकी प्रतिबंधों के चार साल बाद भी यूरोप रूस से तेल की खरीद कर रहा है, ऐसा करके वे अपने ही खिलाफ युद्ध को वित्तीय मदद पहुंचा रहे हैं। वहीं भारत को लेकर बेसेंट ने कहा कि यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध शुरू होने के बाद भारत ने रूसी तेल खरीदना शुरू किया था, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस खरीद को लेकर भारत पर पहले से लागू 25 प्रतिशत टैरिफ पर एक्स्ट्रा 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया। अमेरिका का भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ होने के बाद भारत ने रूसी तेल खरीदना कम किया और बंद भी कर दिया। जैसा कि बताया कि सीनेटर लिंडसे ग्राहम द्वारा तैयार किए गए प्रस्ताव में 500 प्रतिशत टैरिफ उन देशों पर लगाया जा सकता है, जो अभी भी रूस से तेल खरीद रहे हैं। रुस तेल का सबसे बड़ा खरीदार चीन रहा है और न सिर्फ रूस, बल्कि ड्रैगन ईरान और वेनेजुएला से तेल खरीदता है। बेसेंट ने कहा कि अब जबकि वेनेजुएला के तेल सेक्टर पर ट्रंप का कंट्रोल है, तब चीन यहां से रियायती दरों पर तेल नहीं खरीद पाएगा। अमेरिकी वित्त मंत्री से पूछा गया कि क्या रूसी तेल खरीदने के मामले में अमेरिका चीन के साथ अन्य देशों जैसा ही व्यवहार करेगा। आशीष दुबे / 21 जनवरी 2026