नुक (ईएमएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा एक बार फिर ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण की इच्छा जताए जाने के बाद यह द्वीप वैश्विक चर्चा में आ गया है। ट्रंप ने यहां तक कहा कि ग्रीनलैंड पर अमेरिकी कंट्रोल का विरोध करने वाले आठ यूरोपीय देशों पर फरवरी से 10 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा। हालांकि डेनमार्क और ग्रीनलैंड ने किसी भी तरह के सौदे या नियंत्रण छोड़ने की संभावना को सिरे से खारिज कर दिया है। इसी बीच लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि ग्रीनलैंड में आखिर कौन-कौन से धर्मों के लोग रहते हैं और क्या वहां हिंदू या मुस्लिम समुदाय भी मौजूद हैं। ऐसे में यहां बताते चलें कि ग्रीनलैंड के धार्मिक परिदृश्य पर ईसाई धर्म का वर्चस्व है। यहां की लगभग 95 से 96 प्रतिशत आबादी खुद को ईसाई मानती है। इनमें से अधिकांश लोग इवेंजेलिकल लूथरन चर्च से जुड़े हुए हैं, जो डेनमार्क का राष्ट्रीय चर्च भी है। यह प्रभाव डेनिश औपनिवेशिक शासन और सदियों पहले शुरू हुई मिशनरी गतिविधियों का परिणाम माना जाता है। छोटे शहरों और बस्तियों में चर्च न सिर्फ धार्मिक बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन का भी अहम केंद्र हैं। क्या ग्रीनलैंड में मुस्लिम रहते हैं? ग्रीनलैंड में मुस्लिम आबादी मौजूद तो है, लेकिन बेहद सीमित। कुल आबादी में मुसलमानों की संख्या एक प्रतिशत से भी कम मानी जाती है। लंबे समय तक यहां केवल एक ही सार्वजनिक रूप से पहचाना जाने वाला मुस्लिम परिवार निवास करता था। हाल के वर्षों में कुछ विदेशी श्रमिकों, छात्रों और पेशेवरों के आने से संख्या में हल्की बढ़ोतरी होने का अनुमान है, लेकिन फिलहाल यहां कोई संगठित मुस्लिम समुदाय, मस्जिद या औपचारिक धार्मिक ढांचा मौजूद नहीं है। हिंदू आबादी लगभग न के बराबर इसी तरह ग्रीनलैंड में किसी भी बड़े या संगठित हिंदू समुदाय के होने के प्रमाण नहीं मिलते। आधिकारिक जनसंख्या आंकड़ों और शोध के अनुसार यहां कोई स्थापित हिंदू आबादी नहीं है। इसका मुख्य कारण ग्रीनलैंड का अत्यंत ठंडा मौसम, दूरदराज का स्थान और कुल आबादी का बहुत कम होना है। स्वदेशी इनुइट मान्यताएं और नास्तिकता ईसाई धर्म के प्रभुत्व के बावजूद ग्रीनलैंड में पारंपरिक इनुइट आध्यात्मिक मान्यताओं के अवशेष आज भी देखे जा सकते हैं। इनमें प्रकृति, आत्माओं और पूर्वजों से जुड़ी आस्थाएं शामिल हैं। हालांकि अब बहुत कम लोग सक्रिय रूप से इनका पालन करते हैं, फिर भी ये सांस्कृतिक विरासत के रूप में स्थापित हैं। इसके अलावा, लगभग 2 से 2.5 प्रतिशत आबादी खुद को गैर-धार्मिक या नास्तिक मानती है, जो डेनमार्क और अन्य नॉर्डिक देशों की तरह बढ़ती धर्मनिरपेक्षता को दर्शाता है। कम आबादी, सीमित विविधता जानकारी अनुसार ग्रीनलैंड की कुल आबादी करीब 56,500 से 57,000 के बीच है, जिससे यह दुनिया के सबसे कम आबादी वाले क्षेत्रों में शामिल होता है। इतनी कम जनसंख्या के कारण यहां धार्मिक विविधता भी सीमित नजर आती है। हिदायत/ईएमएस 22 जनवरी 2026