अंतर्राष्ट्रीय
22-Jan-2026
...


सैन फ्रांसिस्को (ईएमएस)। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाटसऐप को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। व्हाटसऐप के वॉइस कॉल फीचर में मौजूद एक खतरनाक जीरो-डे वूलनेराब्लिटी के जरिए हैकर्स केवल एक कॉल से स्मार्टफोन को निशाना बना सकते हैं। इसके लिए न तो कॉल उठाने की जरूरत होती है और न ही किसी लिंक पर क्लिक करने की। साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि कुछ मामलों में सिर्फ इनकमिंग या मिस्ड व्हाटसऐप वॉइस कॉल ही इस हमले को ट्रिगर कर सकती है। यूजर को इसका अंदाजा भी नहीं लगता और बैकग्राउंड में फोन में खतरनाक कोड इंस्टॉल हो जाता है, जिससे पूरा डिवाइस हैक हो सकता है। जीरो-डे वूलनेराब्लिटी ऐसी सुरक्षा खामी को कहा जाता है, जिसके बारे में ऐप या सॉफ्टवेयर बनाने वाली कंपनी को पहले से जानकारी नहीं होती। जब तक डेवलपर इसका समाधान यानी सिक्योरिटी पैच जारी करता है, तब तक हैकर्स इस कमी का फायदा उठा लेते हैं। इसी वजह से जीरो-डे अटैक को बेहद खतरनाक माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, व्हाटसऐप वॉइस कॉल सिस्टम के जरिए हैकर्स डिवाइस में मैलिशियस कोड इंजेक्ट कर सकते हैं। एक बार फोन हैक हो जाने के बाद यूजर की निजी तस्वीरें, चैट्स, कॉन्टैक्ट लिस्ट और यहां तक कि बैंकिंग व अन्य फाइनेंशियल डाटा भी खतरे में पड़ सकता है। इससे पहचान की चोरी और डिजिटल फ्रॉड का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है। साइबर रिसर्चर्स का कहना है कि ऐसे हमले अक्सर त्योहारों, छुट्टियों और ट्रैवल सीजन के दौरान बढ़ जाते हैं। इस समय अनजान नंबरों से कॉल और मैसेज ज्यादा आते हैं, जिससे साइबर अपराधियों को छिपकर वार करने का मौका मिल जाता है। फयूचर क्राइम रिसर्च फाउंडेशन के मुताबिक, यह तरीका पारंपरिक फिशिंग अटैक्स से कहीं ज्यादा खतरनाक है, क्योंकि इसमें यूजर की किसी भी तरह की गलती या इंटरैक्शन की जरूरत नहीं होती। साइबर एक्सपर्ट्स सलाह दे रहे हैं कि यूजर्स व्हाटसऐप को हमेशा लेटेस्ट वर्जन में अपडेट रखें, अनजान नंबरों से आने वाली कॉल्स को लेकर सतर्क रहें और फोन की सिक्योरिटी सेटिंग्स को मजबूत रखें, ताकि ऐसे खतरनाक साइबर हमलों से बचा जा सके। सावधानी बरत कर यूजर्स किसी भी तरह के नुकसान से बच सकते हैं। सुदामा/ईएमएस 22 जनवरी 2026