बीजापुर(ईएमएस)। जिले के भैरमगढ़ ब्लॉक में एक बार फिर इंद्रावती नदी ने जानलेवा रूप दिखाया है। ग्राम उसपरी के पास नदी पार करते समय एक नाव पलटने से बड़ा हादसा हो गया। नाव में सवार छह ग्रामीणों में से चार लोग नदी के तेज बहाव में बह गए, जबकि दो लोगों को ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए सुरक्षित बाहर निकाल लिया। लापता लोगों में दो मासूम बच्चे और दो महिलाएं शामिल हैं। सभी ग्रामीण बाजार से खरीदारी कर वापस अपने गांव लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि नदी के बीच पहुंचते ही नाव अचानक संतुलन खो बैठी और पलट गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना शाम के समय की होने के कारण तत्काल बचाव कार्य में कठिनाई आई। स्थानीय ग्रामीणों ने ही सबसे पहले रेस्क्यू की कोशिश की और दो लोगों की जान बचा ली, लेकिन चार लोग तेज धार में बह गए। सूचना मिलने के बाद प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और तलाश अभियान शुरू किया गया। भैरमगढ़ ब्लॉक के अंतिम छोर पर बसे कई गांवों के लिए इंद्रावती नदी पार करने का एकमात्र साधन नाव ही है। आज भी ग्रामीण रोजमर्रा की जरूरतों के लिए जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर हैं। इंद्रावती नदी में नाव पलटने की घटनाएं कोई नई नहीं हैं। अगस्त 2025 में बेलनार से भैरमगढ़ जाते समय नाव पलटने से एक साल का मासूम और चार महिलाएं बह गई थीं। इससे पहले 2022 में नाव हादसे में मेडिकल टीम के एक फार्मासिस्ट की डूबने से मौत हो चुकी है। वहीं 2018 में नाव पलटने की घटना में 10 लोग बह गए थे, जिनमें एक महिला और एक बच्चा आज तक लापता हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नावों में क्षमता से अधिक सवारी, नदी का तेज बहाव और पुल या वैकल्पिक परिवहन साधनों की कमी ऐसे हादसों की बड़ी वजह है। लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। इंद्रावती नदी में बढ़ते हादसे प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के लिए गंभीर चेतावनी बन चुके हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर अब भी हालात जस के तस बने हुए हैं। सत्यप्रकाश(ईएमएस)22 जनवरी 2026