राज्य
22-Jan-2026
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- याचिका खारिज, निचली अदालत के आदेश पर जताई सहमति कहा आरोप गंभीर इन्दौर (ईएमएस) मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खंडपीठ इन्दौर में जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की युगलपीठ ने विध्य सीरियल्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर अमितेष अर्गल को विदेश यात्रा की अनुमति मामले में निचली कोर्ट के फैसले पर सहमति जताते अमितेष अर्गल को विदेश यात्रा की अनुमति नहीं देते उसकी याचिका खारिज कर दी। बता दें कि 37 करोड़ रुपए के बैंक ऋण घोटाले के आरोपी विध्य सीरियल्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर अमितेष अर्गल के विदेश जाने पर विशेष न्यायाधीश (सीबीआइ) कोर्ट ने 16 दिसंबर को दिए अपने आदेश में रोक लगाई थी जिसके खिलाफ अर्गल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर विदेश जाने की अनुमति मांगी थी। याचिका सुनवाई उपरांत हाईकोर्ट ने विशेष न्यायाधीश (सीबीआइ) कोर्ट के 16 दिसंबर के फैसले को सही ठहराते हुए अर्गल की याचिका खारिज करते उसे विदेश जाने की अनुमति देने से इंकार कर दिया। 37 करोड़ के इस ऋण घोटाले मामले में विंध्य सीरियल्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों सहित अन्य आरोपियों ने 2012 से 2016 के बीच बैंक से कैश क्रेडिट और टर्म लोन सहित अन्य ऋण सुविधाएं स्वीकृत कराई जिसमें बाद उनका खाता 31 दिसंबर 2016 को एनपीए घोषित हुआ, जिससे बैंक को भारी नुकसान हुआ। 30 दिसंबर 2021 को पंजाब नेशनल बैंक के तत्कालीन चीफ मैनेजर (भोपाल) ने खाते को फ्रॉड घोषित करते हुए रिजर्व बैंक को सूचना दे शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद सीबीआई ने 31 दिसंबर 2021 को धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में अमितेष अर्गल सहित अन्य निदेशकों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच कार्रवाई करते 12 अप्रैल 2025 को उनके खिलाफ चार्जशीट भी पेश कर दी थी। इसके चलते विशेष न्यायाधीश (सीबीआइ) ने अमितेष अर्गल के विदेश जाने पर रोक लगाई थी। अर्गल की ओर से सीबीआई विशेष न्यायाधीश के इस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर कर विदेश जाने की अनुमति मांगते कहा गया कि वे 24 जनवरी से में 15 फरवरी तक संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जाकर एग्री एक्सपोर्ट के अवसर तलाशने और दुबई में आयोजित गल्फ फूड फेस्टिवल में शामिल होना चाहते है। याचिका सुनवाई करते हाईकोर्ट ने आदेश में कहा है कि आरोपी कंपनी के निदेशक हैं। उनकी ओर से विदेश यात्रा की आवश्यकता को साबित करने के लिए पर्याप्त दस्तावेज पेश नहीं किए और यह भी नहीं बताया गया कि गल्फ फेस्टिवल में उनकी भागीदारी राष्ट्र का प्रतिनिधित्व करने के लिए है या आयोजन समिति के निमंत्रण पर है। कोर्ट ने कहा कि कंपनी की ओर से अन्य प्रतिनिधि भी इसमें भाग ले सकता है। इन पांच जो आरोप है वे गंभीर है। ऐसे में ट्रायल कोर्ट द्वारा विदेश यात्रा की अनुमति न देना सही है। याचिका निरस्त।