भोपाल(ईएमएस)। स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स, क्षेत्रीय इकाई, जबलपुर को वनमण्डल पश्चिम छिंदवाड़ा से हस्तांतरित वन अपराध प्रकरण, जो कि वन्य-प्राणी पेंगोलिन अनुसूची-1 के अवैध शिकार एवं उनके अवयवों का अंतर्राज्यीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के अवैध व्यापार से संबंधित हैं। प्रकरण में अब तक कुल 19 आरोपियों की गिरफ्तारी की जाकर न्यायालय में प्रस्तुत किया जा चुका है। प्रकरण में शामिल आरोपी लालटलनकुंगा द्वारा जिला सत्र न्यायालय जबलपुर में प्रथम जमानत याचिका BA-136/2026 दायर की, जिसे जिला एवं सत्र न्यायालय जबलपुर द्वारा स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स जबलपुर द्वारा की गई सटीक विवेचना एवं अभियोजन पक्ष द्वारा दी गई दलीलों व आरोपी की वन अपराध के अन्य मामले में जमानत का लाभ प्राप्त होने के बावजूद उसका दुरुपयोग करते हुए तीन वर्ष से फरार होना, दुर्लभ वन्य-प्राणियों की तस्करी के अंतर्राष्ट्रीय गिरोह से संबंधित होकर अत्यंत गंभीर एवं संवेदनशील प्रकृति के आधार पर याचिका खारिज की गई। प्रकरण में विवेचना जारी है। आरोपी लालटलनकुंगा पिता व्ही.एल. वुआना निवासी वैंगलई बाजार, कोलासिब मिजोरम प्रकरण में लगभग 11 वर्ष से फरार था। उक्त आरोपी की गिरफ्तारी के लिये सीजेएम न्यायालय जबलपुर द्वारा अब तक 3 गिरफ्तारी वारंट जारी किये गये थे, जिसके परिपालन में स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स, क्षेत्रीय इकाई जबलपुर के वन अमले द्वारा मुखबिर तंत्र विकसित कर वैंगलई बाजार, कोलासिब मिजोरम से 12 दिसम्बर को गिरफ्तार किया गया। आरोपी लालटलनकुंगा देश के वन्य-प्राणी तस्करों के गिरोह में एक मुख्य सरगना है, जिसके विरुद्ध मध्यप्रदेश में 3 प्रकरण एवं ओडिशा में एक प्रकरण दर्ज है, जो वन्य-प्राणी पेंगोलिन के अवयवों के अवैध व्यापार से संबंधित है। हरि प्रसाद पाल / 22 जनवरी, 2026