:: प्रशासनिक मुस्तैदी के बीच श्रद्धालुओं ने किए मां वाग्देवी के दर्शन; गंगा-जमुनी तहजीब की दिखी मिसाल :: धार/इंदौर (ईएमएस)। बसंत पंचमी के पावन पर्व पर धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला संरक्षित परिसर में शुक्रवार को श्रद्धा और उल्लास का वातावरण रहा। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने माँ वाग्देवी के दर्शन किए और परिसर में हवन-पूजन का दौर निरंतर जारी रहा। जिला प्रशासन और पुलिस की चाक-चौबंद व्यवस्थाओं के बीच सभी धार्मिक अनुष्ठान पूरी गरिमा और शांति के साथ संपन्न हुए। उत्सव की संवेदनशीलता और महत्ता को देखते हुए संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस महानिरीक्षक अनुराग, कलेक्टर प्रियंक मिश्रा और पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने स्वयं मोर्चा संभाला। वरिष्ठ अधिकारियों ने दिनभर परिसर का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए परिसर के समीप ही पुलिस कंट्रोल रूम, अस्थाई चिकित्सालय, मीडिया सेंटर और सीसीटीवी मॉनिटरिंग रूम स्थापित किए गए थे, जिससे हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी गई। धार्मिक सद्भाव की मिसाल पेश करते हुए परिसर में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित किया गया। एक ओर जहाँ हिंदू समाज ने मां वाग्देवी की आराधना की, वहीं दूसरी ओर मुस्लिम समाज ने भी नियत स्थान पर दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच अपनी नमाज निर्विघ्न संपन्न की। सुरक्षा बलों की भारी तैनाती और तकनीक के उपयोग ने आयोजन को निर्विवाद बनाने में मदद की। आयोजन की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने नागरिकों के धैर्य और सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि नागरिकों ने जिस संयम का परिचय दिया, उसी के परिणामस्वरूप यह बड़ा आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सका। कलेक्टर ने व्यवस्थाओं में जुटे समस्त अधिकारियों, कर्मचारियों और शांति समिति के सदस्यों का भी आभार प्रकट किया है। प्रकाश/23 जनवरी 2025