- सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता - प्रशासन पर आरोप: ‘संत के वेश में घूम रहे गुंडे’ प्रयागराज (ईएमएस)। ज्योतिषपीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रयागराज में मेला प्रशासन और शंकराचार्य के बीच बीते छह दिनों से जारी विवाद के बीच उनके विशेष प्रतिनिधि ने प्रशासन पर तीखे आरोप लगाए हैं। शंकराचार्य के प्रतिनिधि देवेंद्र पांडे ने दावा किया है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की जान को खतरा है और इसी आशंका के चलते शिविर के भीतर और बाहर कुल 12 सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए हैं। देवेंद्र पांडे ने कहा कि यह कदम किसी शौक या प्रदर्शन के लिए नहीं, बल्कि मजबूरी में उठाया गया है। उनके अनुसार शंकराचार्य इस समय सड़क पर बैठे हैं और प्रशासन का रवैया लगातार टकराव वाला बना हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन के लोग और उनके कथित गुंडे संतों के वेश में शिविर के आसपास घूम रहे हैं, जिससे सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। प्रतिनिधि ने बताया कि कई बार रात के समय कुछ लोग शिविर के पास आकर वीडियो बनाते हैं। जब उनसे पूछताछ की जाती है तो वे खुद को नोटिस देने आया हुआ बताते हैं। उनका कहना है कि इस तरह की गतिविधियां संदेह पैदा करती हैं और शंकराचार्य की सुरक्षा को लेकर भय का माहौल बना रही हैं। शंकराचार्य और मेला प्रशासन के बीच चल रहा विवाद अब केवल व्यवस्थाओं तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह सुरक्षा और अधिकारों के सवाल से भी जुड़ गया है। समर्थकों का कहना है कि संत समाज के एक प्रमुख धर्मगुरु के साथ इस तरह का व्यवहार निंदनीय है और प्रशासन को तुरंत स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। इधर, इस पूरे घटनाक्रम के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान ने भी सियासी हलकों में हलचल मचा दी है। ममता बनर्जी ने एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) को लेकर चिंता जताते हुए कहा है कि इसकी वजह से रोज चार आत्महत्याएं हो रही हैं। उनके इस बयान को लेकर भी राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कुल मिलाकर, प्रयागराज में शंकराचार्य की सुरक्षा, प्रशासन के रवैये और सियासी बयानों के बीच माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। संत समाज और आम लोग अब प्रशासन से इस पूरे मामले पर स्पष्ट और ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।