-1.02 किलो एंबरग्रीस के साथ पालिताणा निवासी आरोपी गिरफ्तार, अंतरराष्ट्रीय गिरोह की जांच तेज जूनागढ़ (ईएमएस)| शहर में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत प्रतिबंधित एंबरग्रीस (जिसे आम भाषा में स्पर्म व्हेल की उल्टी कहा जाता है) की तस्करी का बड़ा मामला सामने आया है। स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियों को मिली पुख्ता सूचना के आधार पर की गई संयुक्त कार्रवाई में लाखों रुपये मूल्य का एंबरग्रीस जब्त किया गया है और एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस को जानकारी मिली थी कि एक व्यक्ति अवैध रूप से एंबरग्रीस बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहा है। इसी सूचना पर विजापुर के पाटिया इलाके में निगरानी रखी गई। जांच के दौरान वहां से गुजर रहे एक व्यक्ति को सफेद थैली के साथ संदिग्ध अवस्था में रोका गया। थैली की तलाशी लेने पर उसमें सफेद और पीले रंग के अनियमित आकार के पत्थरनुमा टुकड़े मिले। प्राथमिक जांच और एफएसएल की सहायता से पुष्टि हुई कि यह कीमती एंबरग्रीस है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान पंकज कुबावत के रूप में हुई है, जो मूल रूप से पालिताणा का निवासी है। उसके पास से कुल 1.02 किलोग्राम एंबरग्रीस बरामद किया गया, जिसकी बाजार कीमत करीब 1 करोड़ 2 लाख 50 हजार रुपये आंकी गई है। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह इस खेप को बेचने के लिए उपयुक्त ग्राहक की तलाश में था। एंबरग्रीस का उपयोग महंगे परफ्यूम और आयुर्वेदिक दवाइयों में किया जाता है, जिसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत सोने से भी अधिक होती है। चूंकि व्हेल मछली अनुसूची-1 का संरक्षित जीव है, इसलिए भारत में इसका व्यापार करना गंभीर अपराध है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर एंबरग्रीस जब्त कर लिया है। मामले की आगे की गहन जांच के लिए आरोपी और जब्त माल को वन विभाग के हवाले किया गया है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस तस्करी के पीछे कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय गिरोह सक्रिय है या नहीं और यह माल कहां से लाया गया था।