सुल्तानपुर (ईएमएस)। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के मुखिया ओमप्रकाश राजभर ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून का राज है और कोई भी व्यक्ति कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश न करे। उन्होंने कहा कि एक तरफ जनता वीआईपी कल्चर खत्म करने की मांग कर रही है, वहीं दूसरी तरफ शंकराचार्य प्रोटोकॉल मांग रहे हैं। जबकि मौजूदा सरकार हर तरह के वीआईपी कल्चर के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि बिना अनुमति कार्यक्रम करने से कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है और किसी घटना की जिम्मेदारी सरकार पर आ जाती है। उत्तर प्रदेश दिवस पर प्रदेश भर में आयोजित हो रहे कार्यक्रमों के क्रम में सुलतानपुर में आयोजित समारोह में पहुंचे सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि अगर कोई कार्यक्रम करना है तो पहले अनुमति लीजिए। सुरक्षा व्यवस्था सरकार की जिम्मेदारी होती है। बाद में यह कहना कि सरकार सुरक्षा नहीं दे पा रही है, उचित नहीं है। सीएम योगी आदित्यनाथ के कालनेमि बयान का जिक्र करते हुए राजभर ने कहा कि जैसे लक्ष्मण का जीवन बचाने के लिए हनुमान जी संजीवनी लेने गए थे, उसी तरह श्रद्धालु आस्था के साथ प्रयागराज में स्नान करने आ रहे हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार की बाधा उचित नहीं है। उन्होंने शंकराचार्य को नसीहत देते हुए कहा कि गंगा स्नान करिए, घर जाइए और मंदिर में पूजा-पाठ करिए, सरकार से टकराव का कोई लाभ नहीं है। शंकराचार्य द्वारा मुख्यमंत्री की तुलना औरंगजेब से किए जाने वाले बयान पर मंत्री ने कहा कि हर व्यक्ति का अपना-अपना विचार हो सकता है। उन्होंने प्रदेश सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि यूपी पुलिस पूरी मुस्तैदी से अपना काम कर रही है और जो भी कानून तोड़ेगा, वह जेल जाएगा। पंचायत चुनाव को लेकर उन्होंने बताया कि 6 फरवरी तक एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) का कार्य चलेगा। गांव-गांव में भोज, बैठकें और पंचायत चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। मतपत्रों की छपाई का काम भी आरंभ हो गया है।