क्षेत्रीय
24-Jan-2026
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दमोह जिले के तेन्दूखेड़ा थाना क्षेत्र के वार्ड क्रमांक एक का मामला दमोह/ तेंदूखेड़ा (ईएमएस)।नगर के वार्ड क्रमाक 1 केबट मोहल्ला में फिर एक दिल दहलाने बाली घटना घटित हो गई। एक महिला ने तीन माह के अपने बच्चे के साथ वार्ड में ही निर्मित कुआ में कूंदकर अपनी जान दे दी है। इसी वार्ड में लगभग 17 दिनो पहले एक केबट समाज की दमपत्ति ने अपनी बच्ची के साथ अपने ही घर मे फांसी के फंदे पर लटके मिले थे। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार झरौली गांव निवासी 35 वर्षीय जयंती पति दुर्गा केवट और उसके तीन माह के बेटे देवांश का शव शनिवार की सुबह कुआ मे उतराता हुआ लोगो को दिखाई दिया था। जिसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही एसडीओपी अर्चना अहीर, थाना प्रभारी रावेन्द्र बागरी, प्रधान आरक्षक बृजेश तिवारी, रवि सेन, आरक्षक विशाल बेन, नीरज नामदेव सहित नगर परिषद का स्टाफ मौके पर पहुंचा और शवों को कुएं से बाहर निकाला गया और पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज गया। घटना का कारण अभी अज्ञात है और पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की गहनता से जांच कर रही हैं पांच साल से बीमार थी महिला मृतिका का पति एक मजदूर है बताया जा रहा है कि महिला पिछले पांच साल से बीमार थी और उसके दो बच्चों की पहले भी मौत हो चुकी है। महिला के 5 साल से बीमार होने के कारण परिजनो ने अनेक स्थानो पर भी झाड फूक कराई थी जिसके बाद भी महिला को आराम नहीं हुआ था। पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है मृतिक की दादी सिया रानी ने बताया कि वह अपने भाई अभिषेक केबट जिसकी बीमारी के कारण मौत हो गई थी जिसकी तेरहवीं में शामिल होने आई थी। जयंती केवट रात 2 बजे घर से लापता हो गई थी जहां परिजनों ने गांव बस्ती में रहने वाले समाज के रिश्तेदारों से खोज-खबर ली लेकिन कोई पता नहीं चला सुबह 6 बजे घटना की सूचना लोगों द्वारा दी गई। लोगों ने बताया कि महिला पिछले 5 साल से बीमार थी, जिसका इलाज चल रहा था। कुछ स्थानों पर जाकर झाड़फूंक भी कराई थी। महिला रात में उठकर चिल्लाने लगती थी। लगातार इलाज के बाद कुछ सुधार नहीं हो रहा था। मृतक महिला के पति दुर्गा केवट ने बताया कि कल ही जयंती को तेजगढ़ ने समीप फूलनदेवी माता के मंदिर ले कर गए थे लेकिन कोई आराम नहीं लगा। हम लोगो की शादी 10 साल पहले हुई थी। पहले झरौली गांव में रहते थे। तेरहवी में आई थी और यहीं रूकी हुई थी। लेकिन हम लोग 7 महीने से बैलढाना गांव में रहते हैं क्योंकि झरौली गांव में घर बन रहा था जिसका काम अभी अधूरा पड़ा है मेरा एक मकान बैलढाना गांव में भी है बैलढाना गांव में हुआ अंतिम संस्कार पोस्टमार्टम के बाद पुलिस द्वारा महिला और नवजात बच्चे का शव परिजनों के सुपुर्द किए गए जहां परिजन दोनों के शवों को लेकर बैलढाना गांव पहुंचे जहां पर परिजनों और समाज के लोगों द्वारा महिला का अंतिम संस्कार किया गया और नवजात बच्चे को दफनाया गया गांव में जब महिला और तीन माह के नवजात बच्चे की एक साथ अर्थी निकली तो माहौल बेहद भावुक हो गया बड़ी संख्या में समाज और अन्य समाज के लोग शामिल थे हर कोई इस इस घटना से स्तब्ध था लोगों की आंखों में आसूं थे और जुबान पर कई सवाल थे वहीं क्षेत्र में 17 दिन बाद दूसरी घटना घटित होने से हर शख्स की आंखें नम थी लोगों ने बताया कि इस तरह की घटना ने सबको झकझोर कर रख दिया है बैलढाना गांव और केवट मोहल्ले में रहने वाले कई परिवार में चूल्हा तक नहीं जला क्योंकि केवल मोहल्ले में और समाज में पहली बार लगातार इसी तरह की दो घटनाएं हो चुकी है जबलपुर में चल रहा था इलाज तेंदूखेड़ा एसडीओपी अर्चना अहीर ने बताया की एक महिला और उसके बेटे का शव कुएं में मिला है। महिला की पहचान जयंती केवट के रूप में हुई है। परिजनों का कहना है कि महिला रात में घर पर थी सुबह लापता हुई और खोजबीन के बाद उसका शव कुएं में मिला है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों ने यह भी बताया है कि महिला बीमार रहती थी, जिसका इलाज जबलपुर में चल रहा था। झाड़ फूंक भी उन्होंने कराई है लेकिन घटना का कोई स्पष्ट कारण निकलकर सामने नहीं आया जांच के बाद ही मामले में कुछ कहा जा सकता है ईएमएस, 24 जनवरी, 2026