25-Jan-2026
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-जापान-साऊथ कोरिया दूसरे नंबर पर, भारत-पाकिस्तान ने भी लगाई छलांग नई दिल्ली,(ईएमएस)। पासपोर्ट 2026 की नई रैंकिंग ने एक बार फिर वैश्विक ताकत के संतुलन की तस्वीर नजर आई। इस साल सिंगापुर का पासपोर्ट दुनिया का सबसे शक्तिशाली घोषित किया गया यानी सिंगापुर का पासपोर्ट रखने वाला व्यक्ति बिना वीजा 192 देशों में यात्रा कर सकते हैं। एशिया की बढ़ती ताकत इस सूची में साफ नजर आती है। सिंगापुर के बाद दूसरे स्थान पर जापान और साउथ कोरिया हैं, जिन्हें 188 देशों में वीजा फ्री एंट्री है। यूरोप के कई देश तीसरे और चौथे नंबर पर हैं, जबकि संयुक्त अरब अमीरात ने बीते दो दशकों में 57 पायदान की छलांग लगाते हुए खुद को टॉप 5 में पहुंचा दिया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका की स्थिति देखें तो पिछले साल गिरावट के बाद अमेरिका टॉप 10 में लौट आया है और 179 देशों में वीजा फ्री पहुंच के साथ 10वें स्थान पर है। ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और मलेशिया भी टॉप 10 में हैं। इसके उलट दुनिया के सबसे कमजोर पासपोर्ट की सूची में अफगानिस्तान सबसे नीचे है। अफगान पासपोर्ट के साथ केवल 24 देशों में बिना वीजा यात्रा संभव है। उसके बाद सीरिया (100वें), इराक (99वें), पाकिस्तान (98वें), यमन और सोमालिया जैसे देश हैं। रिपोर्ट बताती है कि आज सबसे मजबूत और सबसे कमजोर पासपोर्ट के बीच 168 देशों का अंतर हो चुका है। साल 2006 में यह अंतर केवल 118 देशों का था। पाकिस्तान 98वें रैंक में आकर टॉप 100 में आने में कामयाब रहा। 10 साल में यह पहली बार है कि पाकिस्तान टॉप 100 में आया है। पिछले साल 103 रैंक पर होकर भी पाकिस्तानी 33 देशों की यात्रा वीजा फ्री कर सकते थे। इस साल जब रैंक 98 है तो सिर्फ 31 देशों की यात्रा हो सकती है, यानी 2 देश कम ही हुए हैं। इस सूची में 2026 में भारत 80वें स्थान पर है, जो पिछले साल के मुकाबले पांच पायदान ऊपर है। 2025 में भारत 85वें पायदान पर था। भारतीय पासपोर्ट धारकों को अब 55 देशों में वीजा फ्री या वीजा ऑन अराइवल सुविधा मिलती है। यह सुधार भले ही छोटा लगे, लेकिन इसे सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। सिराज/ईएमएस 25 जनवरी 2026