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25-Jan-2026
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ढाका (ईएमएस)। बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्याएं थमती नजर नहीं आ रहीं है। आए दिन यहां उन्हे किसी न किसी बहाने मारा जा रहा है। अंतरिम सरकार के मुखिया यूनुस हाथ पर हाथ धरे बैठे है और मौत का तांडव देख रहे हैं। बीती रात नरसिंदी में 23 साल के चंचल भौमिक की उसकी ही दुकान में जिंदा जलाकर हत्या कर दी गई। चंचल उस रात गैराज में सो रहा था। हमलावरों ने बाहर से शटर गिराकर पेट्रोल छिड़का और आग लगा दी। चंचल की चीखें बाहर खड़े हमलावरों के पत्थर दिल को नहीं पसीज सकीं। वे तब तक वहां डटे रहे जब तक उसकी सांसें थम नहीं गईं। चंचल के कंधों पर बीमार मां और दिव्यांग भाई की जिम्मेदारी थी। पड़ोसियों की मानें तो वह एक शांत और मेहनती युवक था। परिवार का आरोप है कि यह कोई साधारण अपराध नहीं, बल्कि धार्मिक विद्वेष से प्रेरित एक सोची-समझी हत्या है। गौरतलब है कि दीपु चंद्र दास और खोकोन चंद्र दास जैसे अन्य हिंदू युवाओं के साथ भी पूर्व में ऐसी ही बर्बरता दोहराई जा चुकी है। एक सप्ताह पहले बांग्लादेश के गाजीपुर में केले को लेकर हुए विवाद के बाद एक हिंदू व्यवसायी को तीन लोगों ने पीट-पीटकर मार डाला। खबरों के मुताबिक आरोपी एक ही परिवार के सदस्य हैं। पीड़ित की पहचान लिटन चंद्र घोष के तौर पर हुई थी जो ‘बैशाखी स्वीटमीट एंड होटलका मालिक था। एक परिवार के तीन सदस्यों स्वपन मियां (55), उसकी पत्नी माजेदा खातून (45) और उनके बेटे मासूम मियां (28) को हत्या में संलिप्त होने के आरोपा में हिरासत में लिया गया है।पुलिस ने बताया कि तलाश के दौरान उसने केले लिटन के होटल में देखे और इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई। पुलिस ने बताया, “आरोपी ने लिटन को घूंसे और लात मारकर गिरा दिया, जिससे वह जमीन पर गिर पड़ा और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। गैर मुस्लिम को कोई जगह नहीं- अफजल इस हिंसा को हवा देने का काम कट्टरपंथी संगठन जमात-ए-इस्लामी के नेता खुलेआम कर रहे हैं। बरगुना-2 सीट से उम्मीदवार अफजल हुसैन के हालिया बयानों ने आग में घी डालने का काम किया है। एक चुनावी सभा में उन्होंने तर्क दिया कि 80 फीसदी मुस्लिम आबादी वाले देश की संसद में गैर-मुस्लिमों के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। इतना ही नहीं, हुसैन ने संविधान को खारिज करते हुए मध्ययुगीन दंड विधान (जैसे हाथ काटना) लागू करने की वकालत की है। वीरेंद्र/ईएमएस/25जनवरी2026