शिमला(ईएमएस)। हिमाचल प्रदेश में लंबे सूखे के इंतजार के बाद हुई सीजन की पहली बर्फबारी ने जहाँ पर्यटन कारोबार को पंख लगा दिए हैं, वहीं सैलानियों और स्थानीय लोगों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। मनाली और आसपास के इलाकों में बर्फबारी का लुत्फ उठाने पहुंचे पर्यटकों को भीषण ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ रहा है। कुल्लू जिले में कोठी से मनाली के बीच लगभग 8 किलोमीटर लंबा जाम लगा रहा, जिसमें गाड़ियां घंटों फंसी रहीं। लंबे वीकेंड के चलते मनाली के होटल पूरी तरह फुल हो चुके हैं, जिसके कारण अब पर्यटक रहने के लिए कुल्लू की ओर रुख कर रहे हैं।पूरे प्रदेश में बर्फबारी के कारण यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। वर्तमान में राज्य भर में कुल 685 सड़कें बंद हैं, जिससे संपर्क पूरी तरह कट गया है। सबसे खराब स्थिति जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति की है, जहाँ 292 सड़कें अवरुद्ध हैं। इसके अतिरिक्त चंबा में 132, मंडी में 126 और कुल्लू में 79 सड़कें बंद पड़ी हैं। सिरमौर, किन्नौर और कांगड़ा जैसे जिलों में भी कई संपर्क मार्ग ठप हैं। शुक्रवार शाम से शुरू हुआ यह जाम 24 घंटे बाद भी पूरी तरह नहीं खुल सका, जिससे हजारों सैलानी अपनी गाड़ियों में ही रात गुजारने को मजबूर हुए। हिमाचल प्रदेश सरकार ने सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ को देखते हुए पूरे राज्य में सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 26 से 28 जनवरी के बीच राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश और बर्फबारी की प्रबल संभावना है। भारी बर्फबारी के कारण शिमला के पास ढली में भारत-तिब्बत रोड पर यातायात रोक दिया गया है, जिससे किन्नौर जिला देश के अन्य हिस्सों से पूरी तरह कट गया है। शिमला जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्र नारकंडा, जुब्बल, कोटखाई, रोहड़ू और चौपाल जैसे इलाके भी बर्फबारी के कारण मुख्य मार्ग से संपर्क खो चुके हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, भूमध्यसागर-कैस्पियन सागर क्षेत्र से उठने वाले इस पश्चिमी विक्षोभ का असर रविवार तक बना रहेगा। इसके साथ ही निचले मैदानी इलाकों जैसे कांगड़ा, मंडी, सोलन, ऊना और बिलासपुर के लिए घना कोहरा और शीतलहर का येलो अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने पर्यटकों को सलाह दी है कि वे खराब मौसम के दौरान ऊंचाई वाले क्षेत्रों की ओर जाने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर ही रुकें। वीरेंद्र/ईएमएस/25जनवरी2026