25-Jan-2026
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जयपुर (ईएमएस)। प्रदेश में बच्चों में जन्मजात ह्रदय रोगों का प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए चाइल्ड हर्ट डिजीज रजिस्ट्री स्थापित करने, रीजनल सीएचडी हब विकसित करने एवं टू-डी ईको सेवाओं का विस्तार करने सहित तकनीकी सुविधाओं को और सुदृढ करने के कदम उठाए जाएंगे। बच्चों में जन्मजात हृदय रोगों की पहचान, प्रबंधन, उपचार एवं नियमित फोलोअप विषय पर स्वास्थ्य भवन में हितधारकों के साथ वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में इस संबंध में चर्चा की गयी। मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. अमित यादव ने बताया कि केन्द्र सरकार के राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के साथ ही राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से नवजात एवं बच्चों में ह्रदय रोग सहित अन्य रोगों के उपचार के प्रबंधन को लगातार मजबूत किया गया है। वर्ष 2024-25 में 468 जन्मजात ह्रदय रोगों से ग्रस्त बच्चों को दवाईयों से ईलाज किया गया एवं 355 बच्चों की सर्जरी कर उपचार किया गया। इसी प्रकार 2025-26 में दिसम्बर तक 262 बच्चों को दवाईयों एवं 304 को सर्जरी सेवाएं प्रदान की गयी। इससे बड़ी संख्या में जटिल रोगों से ग्रस्त बच्चों की जीवन बचाना संभव हुआ है। उन्होंने बताया कि हाल ही में जेके लोन अस्पताल में आरबीएसके के माध्यम से 20 करोड़ की लागत से सीवीटीएस सर्जरी ईकाई प्रारम्भ की गयी है। जिसमें ह्रदय रोगों के उपचार के लिए अत्याधुनिक उपचार सुविधाएं उपलब्ध हैं। अशोक शर्मा/ 4 बजे/ 25 जनवरी 2026