न्यूयार्क,(ईएमएस)। अमेरिका के विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) से हटने के फैसले पर डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अधानोम गेब्रेयेसस ने कहा कि अमेरिका द्वारा बताए गए कारण गलत हैं। डॉ. टेड्रोस ने एक्स पर लिखा कि अमेरिका डब्ल्यूएचओ का संस्थापक सदस्य रहा है और संगठन की कई ऐतिहासिक उपलब्धियों में उसकी अहम भूमिका रही है। डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने कहा कि अमेरिका के डब्ल्यूएचओ से हटने से न सिर्फ अमेरिका बल्कि पूरी दुनिया कम सुरक्षित हो जाती है। उन्होंने साफ किया कि डब्ल्यूएचओ हमेशा सभी देशों की संप्रभुता का सम्मान करता आया है और अमेरिका के साथ भी यही रवैया रहा है। डब्ल्यूएचओ को उम्मीद है कि भविष्य में अमेरिका फिर से संगठन में सक्रिय भूमिका निभाएगा। अमेरिका ने डब्ल्यूएचओ पर कोविड-19 महामारी के दौरान विफलता, जानकारी छिपाने और गलत मार्गदर्शन देने का आरोप लगाया था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस पर डब्ल्यूएचओ ने कहा कि उसने महामारी के दौरान तेज़ी और पारदर्शिता से जानकारी साझा की। मास्क, वैक्सीन और सामाजिक दूरी की सलाह दी गई लेकिन लॉकडाउन या वैक्सीन अनिवार्यता की सिफारिश कभी नहीं की अंतिम फैसले सरकारों पर छोड़े गए थे। डब्ल्यूएचओ ने माना कि किसी भी संगठन से कुछ गलतियां हो सकती हैं, लेकिन उसने महामारी से निपटने में अपनी भूमिका पूरी ईमानदारी से निभाई है। बता दें 22 जनवरी को अमेरिका ने औपचारिक रूप से डब्ल्यूएचओ से बाहर निकलने की घोषणा की थी। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और स्वास्थ्य मंत्री केनेडी ने कहा कि डब्ल्यूएचओ से अमेरिका का संपर्क सिर्फ निकासी प्रक्रिया और अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा तक सीमित रहेगा। डब्ल्यूएचओ ने दोहराया कि वह सभी देशों के साथ मिलकर काम करता रहेगा और उसका लक्ष्य है हर इंसान को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना, जो एक मौलिक मानव अधिकार है। सिराज/ईएमएस 25जनवरी26