राष्ट्रीय
25-Jan-2026


ब्यावर(ईएमएस)। ब्यावर की रहने वाली सॉफ्टवेयर इंजीनियर हर्षाली कोठारी (28) ने एडॉब में 32 लाख रुपए का सालाना पैकेज छोड़ा। सांसारिक जीवन त्याग कर दिसंबर 2024 में जैन साध्वी बन गईं। ये देख मुझे भी संयम पथ पर चलने की प्रेरणा मिली। उसी समय मैंने भी संत बनने का निश्चय कर लिया था। यह कहना है ब्यावर के रहने वाले अनिष्क कांठेड़ का। 27 साल के अनिष्क डीफार्मा के स्टूडेंट हैं। ये अपनी पढ़ाई-लिखाई छोड़ कर जैन संत बनेंगे। 28 जनवरी को बीकानेर के उदासर में जैन भगवती दीक्षा ग्रहण करेंगे। यह दीक्षा उन्हें व्यसन मुक्ति के प्रणेता जैनाचार्य प्रवर रामलालजी महाराज (रामगुरु) प्रदान करेंगे। इससे पहले इनके परिवार के 5 लोग दीक्षा ले चुके हैं। इस दीक्षा महोत्सव को लेकर ब्यावर सहित देशभर के जैन समाज में उत्साह का माहौल है। समारोह में शामिल होने के लिए देश के विभिन्न राज्यों से सैकड़ों श्रद्धालुओं के उदासर पहुंचने की संभावना है। विनोद उपाध्याय / 25 जनवरी, 2026