अंतर्राष्ट्रीय
26-Jan-2026


-एक रिपोर्ट में अमेरिकी सांसद का हवाला देते हुए किया खुलासा, ऑडियो लीक वाशिंगटन,(ईएमएस)। भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील कई महीनों से अटकी है। दोनों देशों के बीच हुई राउंड की वार्ता के बाद इसे लेकर कोई नतीजा नहीं निकला है। अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक करीबी सीनेटर ने इसे लेकर बयान दिया है, जिसे लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। एक रिपोर्ट में अमेरिकी सांसद का हवाला देते हुए यह खुलासा किया गया है कि आखिर यह डील क्यों अटकी है और भारत और अमेरिका के बीच तनाव के पीछे विलेन कौन है? रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के सांसद ने कुछ पार्टी डोनर्स के साथ फोन कॉल पर बातचीत की थी। कथित तौर पर इस बातचीत का ऑडियो लीक हो गया। बातचीत में सांसद ने वाइट हाउस के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को इस समझौते के पटरी से उतर जाने का कारण बताया। साथ ही उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप की नीतियों को भी भारत के साथ व्यापार समझौते में देरी के लिए दोषी ठहराया। सांसद के फोन कॉल की लीक हुई ऑडियो रिकॉर्डिंग के मुताबिक टेक्सास के रिपब्लिकन सीनेटर ने समर्थकों से कहा कि वह भारत के साथ व्यापार समझौता पक्का करने के लिए वाइट हाउस से लड़ रहे हैं। जब एक डोनर ने उनसे पूछा कि अमेरिकी प्रशासन में कौन इस समझौते का विरोध कर रहा है, तो सांसद ने नवारो, वेंस और ट्रंप का भी नाम लिया। बता दें ट्रंप के सलाहकार नवारो और वेंस कई मौकों पर भारत-विरोधी बयान दे चुके हैं और उन्होंने भारत पर रूसी तेल की खरीद का हवाला देते हुए भारी टैरिफ लगाए जाने का भी समर्थन किया है। रिपोर्ट के मुताबिक सांसद ने यह भी कहा कि उन्होंने और कई रिपब्लिकन सीनेटरों ने पिछले साल अप्रैल में दुनिया भर के देशों पर लिबरेशन डे टैरिफ लगाने से ट्रंप को रोकने की कोशिश की थी। उन्होंने ट्रंप को चेताया कि टैरिफ से कीमतें बढ़ सकती हैं और अमेरिकियों को काफी दिक्कतें आ सकती हैं, जिससे 2026 के मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को बड़ी हार का सामना करना पड़ेगा। हालांकि ट्रंप ने इन सांसादों को चुप करा दिया था। बता दें भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर कई महीनों से अनिश्चितता बनी हुई है। इस बीच अमेरिका भारत से आयातित उत्पादों पर करीब पांच महीनों से 50 फीसदी टैरिफ वसूल रहा है। दोनों देशों के अधिकारियों के बीच व्यापार वार्ता टैरिफ लागू होने से पहले से चल रही है। बीते साल फरवरी में बातचीत को हरी झंडी मिलने के बाद मार्च-अप्रैल में औपचारिक बातचीत शुरू हुई थी, लेकिन इस पर कोई सहमति नहीं बन पाई। सिराज/ईएमएस 26जनवरी26