- नर्मदा पर बन रहे ब्रिज में कॉन्क्रीट डालते समय हादसा, दो मजदूर गंभीर घायल - जांच के लिए दिल्ली से आएगी एनएचएआई की एक्सपर्ट टीम जबलपुर (ईएमएस)। जबलपुर में बन रही प्रदेश की सबसे बड़ी रिंग रोड परियोजना के तहत नर्मदा नदी पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर ब्रिज पर रविवार देर रात बड़ा हादसा हो गया। करीब 100 फीट ऊंचे पिलर पर लगा लोहे का फ्रेम अचानक गिर पड़ा, जिससे तीन मजदूर नीचे आ गिरे। इस दर्दनाक हादसे में एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, न्यू भेड़ाघाट के पास ललपुर गांव में नर्मदा नदी पर फ्लाईओवर ब्रिज का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। रविवार रात भी पिलर नंबर 22 पर लोहे की सेंटिंग में कॉन्क्रीट डालने का काम किया जा रहा था। पिलर की ऊंचाई करीब 100 फीट बताई जा रही है। इसी दौरान अचानक फ्रेम का संतुलन बिगड़ गया और पूरा ढांचा मजदूरों सहित नीचे गिर पड़ा। हादसे के वक्त पिलर पर मजदूर कॉन्क्रीट डाल रहे थे और नीचे व आसपास एनएचएआई के इंजीनियर मौजूद थे। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि लोहे के फ्रेम में लगे किसी नट–बोल्ट के ढीले होने से फ्रेम फेल हुआ, जिससे यह दुर्घटना हुई। हालांकि वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। इस हादसे में मुर्सलेम (35), निवासी पश्चिम बंगाल की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं रसल एस (22) और राजेश्वर सिंह (21) गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों के हाथ-पैर में फ्रैक्चर होने की बात सामने आई है। एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अमृतलाल साहू देर रात करीब तीन बजे तक मौके पर मौजूद रहे और बाद में मेडिकल कॉलेज पहुंचकर घायलों का हाल जाना। कंपनी को नोटिस हादसे के बाद एनएचएआई ने ब्रिज निर्माण कर रही एनकेसी कंपनी, गुरुग्राम को नोटिस जारी किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मंगलवार को दिल्ली से एनएचएआई की एक्सपर्ट टीम जबलपुर पहुंचेगी। टीम घटनास्थल का निरीक्षण कर यह जांच करेगी कि हादसा किन कारणों से हुआ और इसमें किसकी जिम्मेदारी बनती है। प्रशासन हरकत में, जांच शुरू कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देश पर एसडीएम पंकज मिश्रा देर रात मेडिकल कॉलेज पहुंचे और घायलों से मुलाकात की। एसडीएम ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। मौके पर मौजूद कर्मचारियों, इंजीनियरों और संबंधित लोगों के बयान लिए जाएंगे। यदि जांच में निर्माण एजेंसी की लापरवाही सामने आती है, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जांच रिपोर्ट जल्द ही कलेक्टर को सौंपी जाएगी। अंधेरे में चल रहा था काम हादसे के समय निर्माण स्थल पर चारों ओर अंधेरा था। दो बड़ी मशीनों की मदद से लोहे की सेंटिंग में कॉन्क्रीट डाला जा रहा था। अचानक फ्रेम गिरने से अफरा-तफरी मच गई। प्रोजेक्ट डायरेक्टर की मौजूदगी में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। यह भी सुनिश्चित किया गया कि कोई अन्य मजदूर फ्रेम या कॉन्क्रीट में फंसा न रह गया हो। 30 पिलर, 24 नंबर सबसे ऊंचा नर्मदा नदी पर लगभग एक किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर ब्रिज बनाया जा रहा है, जिसके लिए कुल 30 पिलर प्रस्तावित हैं। इनमें सबसे ऊंचा पिलर नंबर 24 है, जिसकी ऊंचाई करीब 150 फीट बताई जा रही है। हादसा 22 नंबर पिलर पर हुआ, जिसकी ऊंचाई लगभग 100 फीट है। बताया जा रहा है कि रविवार होने के कारण उस दिन मजदूरों की संख्या कम थी, नहीं तो नुकसान और बड़ा हो सकता था।