मनोरंजन
27-Jan-2026
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मुंबई (ईएमएस)। मशहूर पंजाबी सिंगर और गीतकार रब्बी शेरगिल का एआर रहमान और उनके संगीत को लेकर दिया गया बयान चर्चा में आ गया है। रब्बी शेरगिल ने एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान कहा कि वह एआर रहमान के काम की गहरी कद्र करते हैं और उन्हें एक जीनियस मानते हैं। उन्होंने साफ किया कि रहमान के प्रति उनके मन में पूरा सम्मान है, लेकिन उनका मानना है कि रहमान के दौर में हिंदी संगीत में गीतों के बोलों का महत्व धीरे-धीरे कम होता चला गया। रब्बी के अनुसार, उस समय गानों में शब्दों पर उतना ध्यान नहीं दिया गया, जितना पहले दिया जाता था और पूरा फोकस म्यूजिक और साउंड पर ही केंद्रित हो गया। अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए रब्बी शेरगिल ने कहा कि जब किसी गाने में लिरिक्स सेकेंडरी हो जाते हैं, तो उन शब्दों के जरिए व्यक्त होने वाली भावनाएं भी अपने आप दूसरे नंबर पर चली जाती हैं। उनका मानना है कि अगर गाने के बोल ही कमजोर पड़ जाएं, तो गीत की आत्मा भी प्रभावित होती है। रब्बी ने यहां तक कहा कि शब्द ही संगीत की जान होते हैं और उनके बिना भावनाओं की गहराई खो जाती है। हालांकि रब्बी शेरगिल ने यह भी स्पष्ट किया कि वह एआर रहमान को व्यक्तिगत तौर पर इसके लिए दोषी नहीं मानते। उनका कहना है कि रहमान की मातृभाषा हिंदी नहीं है, इसलिए हिंदी गीतों में शब्दों की बारीकियां कहीं न कहीं खो जाती हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि एआर रहमान के तमिल गाने एक अलग ही स्तर पर हैं और वहां उनकी संगीत प्रतिभा पूरी तरह निखरकर सामने आती है। रब्बी के मुताबिक, गलती किसी एक कलाकार की नहीं, बल्कि उस इंडस्ट्री की है जिसने हिंदी संगीत की कमान ऐसे व्यक्ति को सौंपी, जिसकी भाषा पर पूरी पकड़ नहीं थी। इस बयान के बाद एक बार फिर हिंदी म्यूजिक इंडस्ट्री में लिरिक्स बनाम म्यूजिक की बहस तेज हो गई है। बता दें कि एआर रहमान इन दिनों अपने एक बयान को लेकर विवादों में घिरे हुए हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि बीते आठ वर्षों में बॉलीवुड और हिंदी म्यूजिक इंडस्ट्री में काफी बदलाव आया है। बातचीत के दौरान उन्होंने इशारों-इशारों में यह बात कही कि संभव है उन्हें उनके धर्म की वजह से काम कम मिल रहा हो। इस बयान के बाद इंडस्ट्री के कई लोगों ने उनकी आलोचना की, वहीं सोशल मीडिया पर भी रहमान को जमकर ट्रोल किया गया। सुदामा/ईएमएस 27 जनवरी 2026