27-Jan-2026
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रायपुर(ईएमएस)। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित सेक्स सीडी कांड में रायपुर सेशन कोर्ट द्वारा फिर से ट्रायल शुरू करने के आदेश के खिलाफ पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अब हाईकोर्ट का रुख करेंगे। इससे पहले मार्च 2025 में सीबीआई की विशेष अदालत ने भूपेश बघेल को इस मामले में सभी आरोपों से बरी कर दिया था। उस फैसले को चुनौती देते हुए सीबीआई ने सेशन कोर्ट में रिव्यू पिटिशन दाखिल की थी, जिस पर कोर्ट ने दोबारा ट्रायल का आदेश दिया है। सेशन कोर्ट के फैसले के बाद मीडिया से चर्चा में भूपेश बघेल ने कहा कि पूरा मामला न्यायिक प्रक्रिया के तहत चल रहा है। उन्होंने बताया कि उन्हें पहले ही इस केस से डिस्चार्ज किया जा चुका था, लेकिन सीबीआई की अपील पर सेशन कोर्ट ने फैसला सुनाया है। अब उस आदेश के खिलाफ वे हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करेंगे। इस प्रकरण में भूपेश बघेल के अलावा कारोबारी कैलाश मुरारका, पूर्व मुख्यमंत्री के सलाहकार विनोद वर्मा, विजय भाटिया और विजय पांडेय आरोपी हैं। कारोबारी कैलाश मुरारका और विनोद वर्मा ने खुद को आरोपमुक्त करने के लिए सेशन कोर्ट में आवेदन दिया था, लेकिन कोर्ट ने यह कहते हुए उनके आवेदन खारिज कर दिए कि उनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं और उन्हें ट्रायल का सामना करना होगा। गौरतलब है कि सेक्स सीडी कांड छत्तीसगढ़ की राजनीति में बड़ा मोड़ माना जाता है। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सितंबर 2018 में तत्कालीन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल और विनोद वर्मा की गिरफ्तारी से राज्य में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई थी। इस मामले की शुरुआत अक्टूबर 2017 में हुई थी, जब कथित सेक्स सीडी सामने आई। भाजपा नेता प्रकाश बजाज ने 26 अक्टूबर 2017 को पंडरी थाने में एफआईआर दर्ज कराते हुए अश्लील वीडियो के जरिए ब्लैकमेलिंग और पैसे की मांग का आरोप लगाया था। जांच के दौरान पुलिस और बाद में सीबीआई ने दिल्ली की एक दुकान तक सुराग जोड़ा, जिससे विनोद वर्मा सहित अन्य आरोपियों के नाम सामने आए। मामले के एक अन्य आरोपी रिंकू खनूजा ने केस उजागर होने के बाद आत्महत्या कर ली थी। सत्यप्रकाश(ईएमएस)27 जनवरी 2026